आगरा। साहित्य संगीत संगम व चेतना इंडिया परिवार की ओर से प्रेमचंद जी की जयंती की पूर्व संध्या पर उनके बाल साहित्य पर परिचर्चा संजय प्लेस स्थित यूथ हॉस्टल में आयोजित की गई। शुभारंभ डॉ. राजेंद्र मिलन, डॉ कुसुम चतुर्वेदी और अशोक अश्रु ने मां सरस्वती को माल्यार्पण एवं पूजा तोमर की सरस्वती वंदना से हुआ। कार्यक्रम में रचनाकार विजया तिवारी की बाल कथा कृति ‘कहानियों का महकता उपवन’ का लोकार्पण किया गया।
अध्यक्ष डॉ राजेंद्र मिलन ने बताया कि बच्चों के लिए लिखना आसान नहीं है यह छोटी-छोटी कहानियां जिन्हें विजया चतुर्वेदी ने नया शिल्प देकर प्रस्तुत किया है बच्चों को संदेश देती हैं और बड़ी उपयोगी हैं। प्रेमचंद द्वारा लिखित तीन बाल उपन्यासों कुत्ते की कहानी, दुर्गादास एवं राम कथा का सार संक्षेप में गायत्री देवी ने प्रस्तुत किया गया। तीनों उपन्यासों में बच्चों के लिए उनकी ही भाषा में ऐसी कथाओं का समावेश किया गया है जो उन्हें कल्पना लोक में ले जाती हैं।
लेखिका विजया तिवारी ने कहा कि उनका उद्देश्य बच्चों में संस्कारों को जागृत करना है और मूल्यों को संरक्षित करवाना है। विजया तिवारी की बच्चों के लिए संदेश देने वाली चार कहानियों में दो ठग, जैसे को तैसा, सोने की मुर्गी और लालची राजा का सुशील सरित द्वारा नाट्य रूपांतरित एवं हरीश भदौरिया, सुधीर शर्मा, हरीश अग्रवाल, चंद्रशेखर शर्मा, आभा मेहरा और नव्या द्वारा अभिनय का प्रस्तुतीकरण किया गया।
संचालन दिनेश श्रीवास्तव ने व धन्यवाद ज्ञापन दुर्ग विजय सिंह ने दिया। इस अवसर पर मधु भारद्वाज, डॉ. शैल वाला अग्रवाल, सुषमा औसिंह, बृजेश सुतैल, आभा चतुर्वेदी सुविधा पांडे रमेश पंडित राकेश निर्मल, यशोयश, रामेंद्र शर्मा आदि मौजूद रहे।


