अभी भी भारत को स्वास्थ्य परिदृश्य में क्रांति लाने के लिए त्वरित सुधार की आवश्यकता है: डा. भार्गव

कोविड-19 महामारी ने दुनिया भर में स्वास्थ्य सेवा प्रणालियों की खामियों को उजागर किया है । सभी देशों ने इस महामारी के दौरान रोगियों की लगातार बढ़ती संख्या की वजह से उपयुक्त चिकित्सा की कमी, स्वास्थ्य सेवाओं में असमानता और अपर्याप्त बुनियादी ढांचे जैसी चुनौतियों का सामना किया है। इन चुनौतियों या असमानताओं के परिणामस्वरूप महामारी के […]

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जब भारत विश्व की सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश बन जाएगा तो क्या स्थिति होगी!

भारत के पास भूमि कम है लेकिन जनसंख्या ज्यादा है। कल्पना कीजिए कि जब भारत यूएन की रिपोर्ट के अनुसार इन्हीं सीमित संसाधनों के साथ चीन को पछाड़ कर विश्व की सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश बन जाएगा तो क्या स्थिति होगी।उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा जनसंख्या नियंत्रण नीति लागू करने के फैसले ने इस विषय को […]

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विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस: प्रकृति के संरक्षण से ही धरती पर जीवन का संरक्षण हो सकता है

आय के स्रोत और संसाधन के स्रोत अगर बंद हो जाते हैं तो रजवाड़े भी खाली हो जाते हैं, कहने का तात्पर्य है प्रकृति द्वारा प्रदान किए गए तमाम संसाधनों का अगर हम अत्यधिक दोहन करेंगे तो निश्चित रूप से एक समय बाद समस्या उत्पन होगी| इसी बात को मद्देनजर रखते हुए आज पूरा विश्व […]

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जब एक वीडियो ने शादी टूटने से बचा दी…

लोगों तक अपनी बात पहुंचाने के लिए हम कई साधनों का सहारा लेते हैं। बातचीत, भाषण, चिट्ठी, ईमेल, वीडियो आदि। इन सब साधनों में अब सोशल मीडिया भी जुड़ गया है। व्यावसायिक संस्थान और सरकारें इसके लिए इन सब साधनों के अलावा विज्ञापन और जनसंपर्क का भी सहारा लेती हैं। पेशेवर बातचीत में विज्ञापन को […]

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जब नील का दाग मिटा चंपारण1917 पुस्तक: लेखक पुष्यमित्र ने ऐसी घटनाओं, किसानों की दुर्दशा को किया है चित्रित…

नई दिल्ली : महात्मा गांधी अंग्रेजों द्वारा किसानों पर किये जा रहे अत्याचारों से किसानों की मदद करने के इरादे से चंपारण गए थे। ब्रिटिश कानून के तहत किसानों को अपनी जमीन पर नील की खेती करने के लिए मजबूर किया जाता था और इसके लिए उन्हें बहुत कम भुगतान मिलता था। गांधी जी द्वारा जो कदम […]

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लोगों को एक बार “वीपी सिंह, चंद्रशेखर, सोनिया गांधी और मैं” नामक इस पुस्तक को पढ़ना जरूर चाहिए

“वीपी सिंह, चंद्रशेखर, सोनिया गांधी और मैं” के लेखक भारत के जाने-माने पत्रकार, पूर्व सांसद संतोष भारतीय जिन्होंने 1989 सलमान खुर्शीद को फर्रुखाबाद लोकसभा सीट से हराया था और वहां से सांसद चुने गए जिन्होंने राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानकर पत्रकारिता में नित नए आयाम गढ़े, अब भारतीय जी उक्त किताब के लेखक के रूप में […]

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यहां मूर्खों की कमी नहीं…

क़लमकार। पुराने ज़माने में इंटरनेट नही था, गूगल ट्रांसलेट नही था। लाइब्रेरी थी पर भाषा का ज्ञान होना आवश्यक था। आज हिंदी मीडियम पढ़ने वाला बच्चा गूगल ट्रांसलेट कर अंग्रेज़ी की कोई भी किताब पढ़ सकता है, किसी भी किताब की जानकारी इंटरनेट से ले सकता है,जो पुराने जमाने में उपलब्ध नही था।लेकिन इसके साथ-साथ […]

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राजनैतिक हितों को साधते हुए इससे बेहतर मंत्रिमंडल विस्तार तो शायद नहीं हो सकता था

मोदी सरकार के मंत्रिमंडल का ताज़ा विस्तार जहां कई उम्मीदों को जगाता सा दिखता है वहीं वो अपनी कई नाकामियों पर पर्दा डालता भी नज़र आता है। क्योंकि जिस प्रकार से भाजपा के कई दिग्गजों से स्तीफा लेकर नए चेहरों को सरकार में जगह दी गई है उससे इसे मंत्रिमंडल विस्तार न कहकर मंत्रिमंडल सुधार […]

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सफलता और असफलता के बीच बस यही एक फर्क है…

जीवन बहुत आसान नहीं है। खासकर तब, जब हमें कोई राह न सूझ रही हो। मन चारों ओर भटक रहा हो और कोई रास्ता दिखाई न देता हो। जब हम स्वयं को विवश महसूस कर रहे हों तो लगता है कि हम उड़ सकते थे, लेकिन किसी ने हमारे पंख काट डाले हैं। जब हम […]

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2029 में भारतीय गणराज्य का क्या भविष्य है?

2029 में भारतीय गणराज्य का क्या भविष्य है? हमारे मन में एक और सवाल आता है कि नरेंद्र मोदी के बाद कौन? हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल ने पर्याप्त संकेत दिए हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुशल युवा नेताओं की एक सेना बनाना चाहते हैं और उनमें से सर्वश्रेष्ठ प्रधानमंत्री पद के लिए […]

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