ताजमहल पर विवाद और उसकी हक़ीकत

ताजमहल पर दायर पीआईएल इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने खारिज कर दी है। कानूनी जानकार, इस अजीबोगरीब जनहित याचिका का परिणाम जानते थे। अदालत ने याचिकाकर्ता को, इतिहास का अध्ययन करने, अकादमिक शोध के लिए निर्धारित शैक्षणिक प्रक्रिया जो विश्वविद्यालयों में उच्चतर अध्ययन के लिए स्वीकृत है अपनाने की सलाह भी दी है। ताजमहल […]

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श्रीलंका संकट: क्या इस सबसे भारत भी बहुत-कुछ सीख सकता है?

श्रीलंका भारी आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। वहां के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ने आर्थिक आपातकाल घोषित किया है। जनता को सरकार द्वारा निर्धारित मूल्यों पर ही खाने-पीने की सुविधा उपलब्ध कराने का अधिकार सेना को दिया गया है। आज श्रीलंका में दाल, चावल का भाव 200 से 250 रुपये प्रति किलो है। प्रमुख […]

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अमन के नाम से नफ़रत बेचने का मीडिया व्यापार !

चुनाव जीतकर सत्ता प्राप्त करने और फिर ‘इच्छा-शासन’ का वरदान प्राप्त करके अनिश्चित काल तक हुकूमत में बने रहने का फ़ार्मूला अब काफ़ी सस्ता और आसान हो गया है। हुकूमतों की मदद से संपदा का असीमित विस्तार करने में माहिर साबित हो चुके दो-चार या दस-बीस उद्योगपतियों को कोई भी सत्तारूढ़ दल अगर अपने नियंत्रण […]

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गेहूं निर्यात पर प्रतिबंध: कृषि विशेषज्ञों ने बताया आम जनता के हित में बड़ा कदम

नई दिल्‍ली। देश की खाद्य सुरक्षा के मद्देनजर गेहूं निर्यात पर तत्काल प्रतिबंध लगाने के अब समीक्षा की जा रही है। इसी संबंध में कृषि विशेषज्ञों ने इसे आमजन के हित में बड़ा कदम बताया, इससे गेहूं की घरेलू कीमतों में वृद्धि रुकेगी साथ ही खाद्य योजनाओं को और भी सुचारू रूप से लागू किया […]

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भारत मे सामाजिक न्याय का अभाव, वजह बहुजन नेताओ का बिखराव

-एच.एल.दुसाध- बड़ी अजीब विडम्बना है कि 15 प्रतिशत की आबादी वाले समाज का देश मे हर जगह कब्जा है 85 प्रतिशत की आबादी वाली आबादी आज भी उनकी चाकरी कर रही है वजह एक ही है हमारे बहुजन नेताओ का बिखराव किसी को समाज की नही पड़ी है सब अपनी अपनी राजनैतिक दुकानदारी में लगे […]

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पुण्‍यतिथि विशेष: ‘मालगुडी डेज’ के रचयिता आर के नारायण अंग्रेजी साहित्य के तीसरे बड़े भारतीय लेखक

अंग्रेजी साहित्य के भारतीय लेखकों में जिन तीन सबसे महान उपन्यासकारों को गिना जाता है, उनमें मुल्कराज आनंद तथा राजा राव के साथ तीसरा नाम है आर के नारायण का। आर के नारायण की आज पुण्‍यतिथि है। 10 अक्टूबर 1906 को मद्रास में जन्‍मे आर के नारायण का पूरा नाम राशीपुरम कृष्ण स्वामीनारायण ‘अय्यर’ था। […]

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कोयले की कमी से नहीं बल्कि खराब प्रबधंन के कारण उत्‍पन्‍न हुआ है बिजली संकट

भारत इस वक्‍त ग्‍लोबल वार्मिंग की जबर्दस्‍त मार सहने को मजबूर है। भीषण गर्मी के कारण तापमान बढ़ने से बिजली की खपत में वृद्धि के फलस्‍वरूप देश के विभिन्‍न राज्‍यों में बिजली संकट भी उत्‍पन्‍न हो गया है। इसे कोयले की कमी से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि बिजली […]

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धर्म की चटनी चटा, कर रहें जनमुद्दों से दगा: राजनीति में धर्म के मेल से असल मुद्दों पर बड़ा खेल खेल रहे राजनेता

कभी प्यासों को पानी तक न पूछने वाले आजकल धार्मिक बन रहे है, धर्म के बहाने ऊँचे पदो पर आसीन समय सदैव गतिमान है यह अकाट्य सत्य है मगर वर्तमान राजनीति में नीति को किनारे रखकर केवल राज करने की मंशा ने भारत के आम जनमानस का जीवन बुरी तरह त्रस्त कर दिया है। जिस […]

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क्यों न बढ़े अपरम्पार, मोदी जी की गलत नीतियां बढ़ती महंगाई की जिम्मेदार !

मोदी सरकार की आवश्यक वस्तु विधेयक 2020 दे रही जनता को महंगाई का विष अनाज, दलहन, तिलहन, खाद्य तेलों, प्‍याज और आलू जैसी वस्‍तुओं को आवश्यक श्रेणी से हटाया, जमाखोरी को बढ़ावा –गिरीश मालवीय- भारत में इस वक्त बढ़ती हुई महंगाई के लिए सिर्फ और सिर्फ मोदी सरकार दोषी है आज जो सुरसा जैसे स्वरूप […]

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करते रहिये मोदी जी की वाह-वाह, भले ही देश की अर्थव्यवस्था हो जाये तबाह !

सपने गढ़ने, बेचने की कला के माहिर खिलाड़ी हैं नरेंद्र मोदी, सबका साथ मगर विकास चंद लोगों का पैसा जुटाने के लिए कारपोरेट घरानों पर टैक्स लगता, मगर सरकार ने कॉरपोरेट टैक्स घटाए विमल शंकर सिंह डी.ए.वी. कॉलेज वाराणसी कीचड़ में कमल खिलने से कीचड़ जैसे कमल नहीं हो जाता है वैसे ही देश और […]

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