डब्लूएमओ की रिपोर्ट: लॉकडाउन से प्रदूषण तो कम हुआ पर ग्रीनहाउस गैसें अब भी लहरा रहीं परचम

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्लूएमओ) की आज जारी रिपोर्ट के अनुसार, कोविड-19 महामारी के कारण हुई औद्योगिक मंदी ने ग्रीनहाउस गैसों के रिकॉर्ड स्तर पर कोई अंकुश नहीं लगाया है। ये गैसें, जो वातावरण में गर्मी को बढ़ा रहीं हैं, अधिक चरम मौसम, बर्फ के पिघलने, समुद्र के स्तर में वृद्धि और महासागरीय अम्लीकरण के […]

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क्‍या डोनाल्ड ट्रंप अब भी अपनी हार मानने को तैयार नहीं हैं?

क़रीब दो हफ़्ते हो चुके हैं जो बाइडन को अमेरिकी चुनाव का विजेता बने लेकिन डोनाल्ड ट्रंप अब भी अपनी हार मानने को तैयार नहीं हैं. क्या उनके पास इस फ़ैसले को बदलने की कोई योजना है?ट्रंप की नतीजों को क़ानूनी चुनौती देने की रणनीति तो काम नहीं कर रही. ट्रंप की टीम ने दर्जनों […]

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बाल अधिकार दिवस: छोटा बच्चा जान के हमको आंख ना दिखाना रे

फिल्म मासूम का यह गाना छोटा बच्चा जान के हमको आंख ना दिखाना रे यह गाना शारीरिक व मानसिक रूप से अपरिपक्व बच्चों के अधिकार के संरक्षण की कहीं ना कहीं बात कहता है |भारत में चाचा नेहरू के जन्मदिन को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है |वहीं पर विश्व में बाल दिवस […]

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विश्व दयालुता दिवस: समाज में सबसे बड़ा धर्म दयालुता

दलाई लामा जी के इन शब्दों का अर्थ है विश्व में हर धर्म में व समाज में सबसे बड़ा धर्म दयालुता का धर्म माना गया है| यह एक ऐसी शक्ति व आकर्षण है जो दूसरे को खुशी और आपको ख़ुशी के साथ गमों को हरण करता है| विश्व में दयालुता के लिए विश्व दयालुता दिवस […]

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बिहार चुनाव: देश की राजनीति राजनेताओं के वोट कबाड़ने वाले हथकंडों से उबरने का कर रही प्रयत्न

बिहार चुनाव के परिणामों ने एक बार फिर सिद्ध किया है कि देश की राजनीति राजनेताओं के वोट कबाड़ने वाले हथकंडों से उबरने का प्रयत्न कर रही है। यादव-मुस्लिम समीकरण, दलित-सवर्ण आकलन, दलों के गठजोड़ आदि फार्मूले भविष्य में सफल होने वाले नहीं हैं। जनता जनार्दन की आवश्यकताओं और अपेक्षाओं की अनदेखी करने वालों को […]

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साइकिल से डर नहीं लगता साहब, ट्रैफिक से लगता है

बात गाड़ियों के धुंए से पर्यावरण बचाने की हो तो सबसे पहला ख्याल साईकिल का आता है लेकिन साईकिल चलायें भी तो भला कैसे? एक तरफ तेज़ रफ्तार गाड़ियों की चपेट में आने का डर तो दूसरी तरफ गड्ढों और नालियों में गिर कर चोटिल होने की आशंका – कुल मिलाकर भारत में हालत कतई […]

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जब एक महिला नागा साधु बन जाती है तो….

पुरुषों की तरह ही महिला नागा साधुओं का जीवन भी पूरी तरह से ईश्वर को समर्पित होता है. और उनके दिन की शुरुआत और अंत दोनों ही पूजा-पाठ के साथ ही होता है. जब एक महिला नागा साधु बन जाती है तो सारे ही साधु और साध्वियां उसे माता कहने लगती हैं. महिला नागा साधुओं […]

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कानूनी सेवा दिवस: मुफ़्त न्याय पाने के ल‍िए कौन है सुपात्र

किसी भी समाज में जब कोई विवाद होता है तो पहले पंचों द्वारा उसका फैसला किया जाता था, परंतु अब न्यायालय प्राधिकरण द्वारा दोनों पक्षों की बात सुनकर न्याय किया जाता है जरूरी नहीं है न्याय की आवश्यकता हर तरह से सक्षम व आर्थिक संपन्नता के ही व्यक्ति को जरूरत है अनेकों बार गरीब नागरिकों […]

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काग़ज़ के टुकड़ों पर किसी की ज़िंदगी के कुछ लम्हे आज भी ठहरे हुए हैं…

काग़ज़ के टुकड़ों पर किसी की ज़िंदगी के कुछ लम्हे आज भी ठहरे हुए हैं. लेकिन वक़्त के साथ ये नायाब चीज़ें खोती चली गईं. हम ये भूल गए कि इन्हीं लाइनों में पूरा इतिहास सिमटा है जो हमारी लापरवाही से तबाह हो रहा है. तकनीक ने हमारी ज़िंदगी को बहुत आसान बनाया है लेकिन […]

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अर्नब मामले का सबसे अहम पहलू, बंद मामले की दोबारा तफ़्तीश कैसे?

अर्नब मामले का वो सबसे अहम पहलू यह है कि ऐसे बंद केस की दोबारा तफ़्तीश कैसे, जिसे कोर्ट भी स्‍वीकार कर चुका हो?अर्नब गोस्वामी की गिरफ़्तारी मामले में एक और बात अहमियत रखती है.अन्वय नाइक ख़ुदकुशी मामले की जाँच पहले एक बार हो चुकी है, जिसके बाद 2019 में रायगढ़ पुलिस ने इस मामले […]

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