नोएडा/गोंडा: उत्तर प्रदेश की राजनीति के दिग्गज और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का दबदबा अब अवध से निकलकर दिल्ली के करीब नोएडा तक पहुँचने वाला है। उनके दोनों बेटों विधायक प्रतीक भूषण और सांसद करण भूषण सिंह के बाद अब उनकी इकलौती बेटी शालिनी सिंह ने भी चुनावी अखाड़े में उतरने की तैयारी कर ली है। शालिनी ने संकेत दिए हैं कि यदि परिस्थितियां बनीं, तो वह 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में नोएडा सीट से अपनी किस्मत आजमा सकती हैं।
एक परिवार, चार दावेदार: भाजपा के लिए बड़ी चुनौती
यदि शालिनी सिंह मैदान में उतरती हैं, तो यह यूपी के सबसे बड़े सियासी परिवारों में से एक होगा। वर्तमान में बड़ा बेटा प्रतीक भूषण गोंडा सदर से दूसरी बार भाजपा विधायक है।छोटा बेटा करण भूषण कैसरगंज सीट से भाजपा सांसद है।बृजभूषण शरण सिंह खुद 2029 के लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटे हैं।
अब शालिनी सिंह की एंट्री के बाद सवाल खड़ा हो गया है कि क्या बीजेपी एक ही परिवार के चार सदस्यों को टिकट देकर ‘परिवारवाद’ के आरोपों का जोखिम उठाएगी?
पंकज सिंह की सीट पर नजर: शालिनी बनाम पंकज?
शालिनी सिंह जिस नोएडा विधानसभा सीट से दावेदारी की चर्चा में हैं, वहां से देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह लगातार दो बार से विधायक हैं। पंकज सिंह भाजपा के कद्दावर नेता हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या शालिनी नोएडा से बीजेपी के टिकट पर ही नजरें गड़ाए हुए हैं? यदि ऐसा है, तो नोएडा की सियासी पिच पर दो दिग्गज परिवारों के बीच दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है।
कौन हैं शालिनी सिंह? आर्टिस्ट से पॉलिटिक्स तक का सफर
शालिनी सिंह केवल एक बाहुबली पिता की बेटी नहीं, बल्कि उनकी अपनी एक अलग पहचान भी है। वह पेशे से वकील और एजुकेशनिस्ट हैं। इसके अलावा वह एक आर्टिस्ट हैं और अब तक 5 किताबें लिख चुकी हैं। उन्हें शूटिंग में महारथ हासिल है और उनकी पेंटिंग्स की प्रदर्शनियां भी लग चुकी हैं।
हाल ही में एक कार्यक्रम में उन्होंने खुद को “पहलवान पिता की बेटी और बाहुबली भाइयों की बहन” बताकर खूब सुर्खियां बटोरी थीं। वह सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं और ‘नोएडा सिटिजन फोरम’ की सदस्य भी हैं।
मायका और ससुराल: दोनों तरफ सियासी रसूख
शालिनी की शादी बिहार के कद्दावर राजनीतिक घराने में हुई है। उनके ससुर स्वर्गीय अजीत सिंह और सास मीना सिंह आरा से सांसद रह चुके हैं। उनके पति विशाला सिंह भाजपा नेता हैं और NAFED के चेयरमैन रह चुके हैं। वर्तमान में शालिनी अपने पति के साथ नोएडा में ही रहती हैं, यही वजह है कि उन्होंने नोएडा को ही अपनी राजनीतिक कर्मभूमि बनाने का मन बनाया है।

