राम नाम की महिमा से महका आगरा का कमला नगर: जनकपुरी महोत्सव की स्मारिका ‘जनक सुता के श्रीराम’ का भव्य विमोचन

विविध

आगरा: “राम नाम आधार जिन्हें, वह जल में राह बनाते हैं… जिन पर कृपा राम करें, वह पत्थर भी तिर जाते हैं…।” इन भक्तिमय पंक्तियों और जय श्रीराम के उद्घोष के बीच मंगलवार शाम कमला नगर में आयोजित एक गरिमामयी समारोह में जनकपुरी महोत्सव की स्मारिका ‘जनक सुता के श्रीराम’ का विमोचन संपन्न हुआ।

श्रीराम का जीवन मानवता के लिए आदर्श: नवीन जैन

कमला नगर स्थित टेंपटेशन रेस्टोरेंट में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद नवीन जैन ने शिरकत की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि प्रभु श्रीराम, माता जानकी और रामभक्त हनुमान के चरित्र केवल धार्मिक पात्र नहीं, बल्कि संपूर्ण मानव जीवन के लिए सर्वश्रेष्ठ आदर्श हैं। उन्होंने जनकपुरी महोत्सव की भव्यता को सहेजने के इस प्रयास की सराहना की।

​अनुकरणीय है मर्यादा पुरुषोत्तम का जीवन

जनकपुरी महोत्सव समिति के अध्यक्ष मुरारी प्रसाद अग्रवाल ने कहा कि श्रीराम का जीवन हर व्यक्ति के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने कार्यक्रम का कुशल संचालन करते हुए महोत्सव के दौरान मिले जनसहयोग और भक्ति भाव को याद किया।

स्मारिका में संजोया गया है इतिहास और वैभव

स्मारिका के संपादक आदर्श नंदन गुप्ता ने जानकारी दी कि ‘जनक सुता के श्रीराम’ केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि जनकपुरी महोत्सव का सजीव दस्तावेज है। इसमें भगवान राम, सीता और हनुमान जी से जुड़े प्रेरक लेखों के साथ-साथ कमला नगर के प्रमुख मंदिरों, सेवा केंद्रों और स्थानीय सामाजिक गतिविधियों का विस्तृत विवरण दिया गया है।
​इस स्मारिका के सह-संपादक अनिल अग्रवाल और विजय कुमार गोयल रहे, जबकि इसका आकर्षक मुद्रण मुकेश नेचुरल द्वारा किया गया है।

​प्रमुख चेहरों की गरिमामयी उपस्थिति

मंच पर जनकपुरी महोत्सव के प्रमुख स्तंभ मौजूद रहे, जिनमें राजा जनक की भूमिका निभाने वाले राजेश अग्रवाल (रसोई रत्न), डीडी सिंघल और मुरारी प्रसाद अग्रवाल प्रमुख थे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उन सेवादारों और गणमान्य लोगों ने भाग लिया जिन्होंने जनकपुरी महोत्सव को सफल बनाने में अपना योगदान दिया था।