आगरा। जिलाधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सीएमआईएस पोर्टल से संबंधित निर्माण कार्यों एवं विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में ऐसे निर्माण कार्यों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई, जिनमें एस्टीमेट रिवाइज होने, भूमि विवाद, भूमि अनुपलब्धता, हैंडओवर लंबित रहने अथवा अन्य कारणों से कार्य प्रभावित हो रहे हैं और जनपद की रैंकिंग पर असर पड़ रहा है।
बैठक में सेतु निगम द्वारा बिचपुरी फाटक पर निर्माणाधीन सेतु की समीक्षा के दौरान बताया गया कि टेंडर रिवाइज हो चुका है तथा पेड़ों से संबंधित मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। इस पर जिलाधिकारी ने प्रभावी पैरवी करने के निर्देश दिए। वहीं आनन्दी भैरव-गिजौली मार्ग पर यमुना नदी सेतु परियोजना की समीक्षा में जानकारी दी गई कि एस्टीमेट रिवाइज होने के बाद दोबारा टेंडर किया गया है। जिलाधिकारी ने जून माह में सभी प्रक्रियाएं पूर्ण कर जुलाई से कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश दिए।
ईदगाह-बयाना सेक्शन पर अर्जुन नगर एलिवेटेड रोड उपरिगामी सेतु के संबंध में जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग व अन्य विभागों के राजस्व अभिलेखों के आधार पर भूमि जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए समिति गठित करने के निर्देश दिए। यमुना नदी पर अम्बेडकर सेतु की मरम्मत के लिए 1.33 करोड़ रुपये की स्वीकृति शासन स्तर पर लंबित होने की जानकारी दी गई। वहीं रेणुका धाम बलदेव उपरिगामी सेतु का मामला भी सुप्रीम कोर्ट में लंबित बताया गया।
एमजी रोड स्थित रावली मंदिर पुल की समीक्षा में बताया गया कि रेलवे विभाग की कार्रवाई पूर्ण हो चुकी है और मेट्रो कार्य समाप्त होने के बाद पुल निर्माण तेजी से कराया जाएगा।
बैठक में चार कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि दो विद्यालयों की हैंडओवर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि दो भवन पूर्ण होने के बावजूद जांच समिति गठित न होने से हैंडओवर लंबित है। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए डीईएसटीओ को समिति गठित कर सीडीओ के माध्यम से प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
बैठक में राजकीय इंटर कॉलेज में बन रहे मिनी स्टेडियम, सैनिक कल्याण कार्यालय, नई सड़कों, नाले-नालियों और साइंस सिटी सहित अन्य निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि आगामी बैठक में प्रत्येक कार्यदायी संस्था परियोजनाओं में विलंब के स्पष्ट कारणों और अब तक की गई कार्रवाई का पूरा विवरण प्रस्तुत करे। साथ ही संबंधित विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति भी सुनिश्चित करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने पीडब्ल्यूडी, सेतु निगम एवं अन्य संस्थाओं को भूमि संबंधी समस्याओं की सूची तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि संबंधित एसडीएम के समन्वय से उनका शीघ्र निस्तारण कर निर्माण कार्यों में तेजी लाई जा सके।
उन्होंने सभी कार्य गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण कराने पर जोर देते हुए कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। साथ ही पोर्टल पर सत्यापित एवं सटीक आंकड़े समय से अपलोड करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में सीडीओ प्रतिभा सिंह सहित सेतु निगम, पीडब्ल्यूडी, यूपीसीडको, सीएंडडीएस, मेट्रो एवं अन्य कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी उपस्थित रहे।


