यूपी में भाजपा एक ‘भू-माफिया’ की तरह काम कर रही है…अखिलेश यादव ने कई मुद्दों पर सरकार को घेरा

Politics

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में एक विस्फोटक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए सत्तारूढ़ भाजपा सरकार पर तीखे हमले किए। अखिलेश ने संगीन आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा एक ‘जमीन माफिया’ की तरह काम कर रही है। उनके मुताबिक, राजधानी लखनऊ और इसके आसपास सरकार जहाँ भी कोई नई विकास योजना प्रस्तावित करती है, भाजपा के नेता और सदस्य मिलकर सबसे पहले उन जमीनों पर कब्जा कर लेते हैं। उन्होंने दावा किया कि अकेले लखनऊ में सात ऐतिहासिक तालाबों को भू-माफियाओं ने निगल लिया है।

​गुंडों को उल्टा लटकाने के बयान पर पलटवार

भाजपा नेताओं के बयानों का जवाब देते हुए अखिलेश ने कड़े लहजे में पूछा, “क्या गुंडे सिर्फ पश्चिम बंगाल में ही हैं? क्या उत्तर प्रदेश की सत्ता की कुर्सियों पर गुंडे नहीं बैठे हैं?” उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर सफाई अभियान चलाना ही है तो यूपी के सत्ताधारी गुंडों को भी ‘उल्टा लटकाकर सीधा’ किया जाना चाहिए। बंगाल चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने ममता बनर्जी की ऐतिहासिक जीत का भरोसा जताया और यूपी में भारी पुलिस बल की तैनाती को सपा के लिए एक बड़ी चुनौती करार दिया।

​भारत रत्न नहीं, इन्हें तो ‘नोबेल’ मिलना चाहिए

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिसवा सरमा और सीईसी ज्ञानेश कुमार पर कटाक्ष करते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि उनके काम को देखते हुए उन्हें भारत रत्न नहीं, बल्कि ‘नोबेल पुरस्कार’ मिलना चाहिए। उन्होंने भाजपा पर ‘वोट के खोट’ का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव नजदीक देख इन्हें आरक्षण और सनातन की याद आ रही है। उन्होंने खान-पान के मुद्दों पर भाजपा के दोहरे मापदंडों को घेरते हुए कहा कि अब ये तय कर रहे हैं कि सनातनी मछली खा सकते हैं या नहीं।

​कानून-व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं पर सरकार को घेरा

अखिलेश यादव ने प्रदेश की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “अस्पतालों में इलाज नहीं मिल रहा, ऑपरेशन थिएटर से मरीज जान बचाकर भागने को मजबूर हैं।” उन्होंने कानपुर की झोपड़ी कांड और हाथरस की घटना का जिक्र करते हुए पूछा कि क्या सरकार ने पीड़ितों को न्याय दिलाया? ब्राह्मण समाज के साथ हो रही घटनाओं और शहीदों के अपमान के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार को कटघरे में खड़ा किया।

​शंकराचार्य का अपमान और डिप्टी सीएम का पलायन

धार्मिक मुद्दों पर भाजपा के दावों की हवा निकालते हुए अखिलेश ने आरोप लगाया कि जब शंकराचार्य लखनऊ पधारे, तो सम्मान देने के बजाय प्रदेश के डिप्टी सीएम शहर छोड़कर चले गए। उन्होंने इसे संतों और परंपरा का अपमान बताया। साथ ही, उन्होंने मीडिया के एक वर्ग पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले 10 सालों में कुछ चैनलों को सरकार से करोड़ों रुपये मिले हैं, इसलिए वे जनता की आवाज नहीं उठा रहे।

अजीज कुरैशी को दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

प्रेस कॉन्फ्रेंस के समापन पर अखिलेश यादव ने पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि कुरैशी साहब ने गंगा-जमुनी तहजीब को सींचने और समाज को जोड़ने का काम किया। जौहर यूनिवर्सिटी के प्रस्ताव को पास करने के उनके साहसी फैसले को याद करते हुए अखिलेश ने कहा कि उन्होंने कभी सिद्धांतों से समझौता नहीं किया।