राष्ट्रहित में बड़ा संकल्प: मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने छोड़ी प्रोटोकॉल फ्लीट, हफ्ते में एक दिन करेंगे पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग

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​आगरा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रव्यापी आह्वान और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों का पालन करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने राष्ट्रहित में एक बड़ी पहल शुरू की है। प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और ईंधन की बचत के उद्देश्य से कैबिनेट मंत्री ने अपने सरकारी प्रोटोकॉल की गाड़ियों की फ्लीट को त्यागते हुए केवल एक सुरक्षा वाहन के उपयोग का संकल्प लिया है।

​साझा किया बचत का ‘रोडमैप’

उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि वैश्विक उथल-पुथल के बीच देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए ईंधन और प्राकृतिक संसाधनों का सदुपयोग अनिवार्य है।

उन्होंने घोषणा की है कि वे अब अपनी कार्यप्रणाली में आमूलचूल बदलाव लाएंगे । आगामी सभी जरूरी बैठकें और कार्यक्रम प्राथमिकता के आधार पर वर्चुअल रूप से संचालित किए जाएंगे। अति आवश्यक कार्यों को छोड़कर अधिकांश आधिकारिक कामकाज ‘वर्क फ्रॉम होम’ के जरिए निपटाए जाएंगे ताकि अनावश्यक यात्रा से बचा जा सके।

मंत्री ने संकल्प लिया है कि वे सप्ताह में एक दिन मेट्रो या अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करेंगे।

​कार्यकर्ताओं से भी की खास अपील

योगेंद्र उपाध्याय ने न केवल खुद पहल की, बल्कि पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से भी इस राष्ट्रहित के अभियान से जुड़ने का आह्वान किया है। उन्होंने अपील की है कि कार्यकर्ता भी ईंधन की खपत कम करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों (ई-वाहनों) के उपयोग को बढ़ावा दें और दैनिक जीवन में अधिक से अधिक स्वदेशी वस्तुओं को अपनाएं।

स्वदेशी और संसाधन संरक्षण पर जोर

मंत्री ने कहा कि जिस तरह विश्व स्तर पर युद्ध और अस्थिरता के कारण विदेशी सामान की महंगाई बढ़ रही है, ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी की दूरगामी सोच के अनुरूप ‘स्वदेशी अपनाना’ ही एकमात्र समाधान है।

उन्होंने कहा, “मैं हमेशा से राजकीय वाहन और राष्ट्र की संपत्ति के सीमित व सही उपयोग का पक्षधर रहा हूँ। मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के आह्वान के बाद अब मैं ईंधन बचाने के लिए पूरी तरह संकल्पित हूँ।”