आगरा में ‘ऑटो वाले’ टप्पेबाज गैंग का पर्दाफाश: सवारी बनकर उड़ाते थे मोबाइल, चार बदमाश दबोचे

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आगरा: शहर के व्यस्त इलाकों में ऑटो में सवारी बनकर यात्रियों के मोबाइल और कीमती सामान पर हाथ साफ करने वाले एक शातिर गिरोह का थाना हरीपर्वत पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी के 10 मोबाइल फोन, नगदी और वारदात में इस्तेमाल होने वाला बिना नंबर का ऑटो बरामद किया है।

चेकिंग के दौरान हत्थे चढ़ा गिरोह

थाना प्रभारी नीरज शर्मा के नेतृत्व में नेहरू नगर चौकी और थाना हरीपर्वत की संयुक्त टीम अपराधियों की धरपकड़ के लिए चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि टप्पेबाजी करने वाला एक गिरोह क्षेत्र में किसी बड़ी वारदात की फिराक में है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने जाल बिछाया और घेराबंदी कर चारों आरोपियों को दबोच लिया।

​ऐसे देते थे वारदात को अंजाम

पकड़े गए आरोपियों की पहचान जाविद, नाविद उर्फ मोटा, शाहिद उर्फ सोहेल और ऑटो चालक अरमान के रूप में हुई है। पूछताछ में बदमाशों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि वे एक सोची-समझी रणनीति के तहत काम करते थे।

गिरोह का सदस्य अरमान ऑटो चलाता था और सवारी बैठाता था। जैसे ही कोई यात्री बैठता, बाकी साथी बातचीत करने या धक्का-मुक्की करने के बहाने उसका ध्यान भटका देते थे और मौका पाकर मोबाइल व नकदी पार कर देते थे।

बरामदगी और कार्रवाई

पुलिस ने इनके पास से विभिन्न ब्रांड्स के 10 चोरी के मोबाइल फोन और 1200 रुपये बरामद किए हैं। बिना नंबर के जिस ऑटो का उपयोग ये अपराध के लिए करते थे, उसे भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस अब इन मोबाइलों के आईएमईआई (IMEI) नंबरों के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये मोबाइल किन-किन क्षेत्रों से चोरी किए गए थे।

​थाना हरीपर्वत पुलिस ने बताया कि चारों आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है। साथ ही, इनके पुराने आपराधिक इतिहास और गिरोह के अन्य संभावित संपर्कों की भी गहनता से जांच की जा रही है।