लखनऊ में होने वाले आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बहुजन समाज पार्टी (BSP) के भीतर सांगठनिक स्तर पर बड़े फेरबदल देखने को मिल रहे हैं। पार्टी सुप्रीमो मायावती द्वारा लगातार ऐसे कई निर्णय लिए जा रहे हैं, जिन पर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह के सवाल भी खड़े हो रहे हैं। एक तरफ जहां पार्टी के भीतर समीकरण बदल रहे हैं, वहीं कभी अपनों को बाहर का रास्ता दिखाया जाता है तो कभी उनकी वापसी करा दी जाती है। इसी कड़ी में एक बार फिर से बसपा की एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान ईशान आनंद को पार्टी का नया राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने का आधिकारिक ऐलान कर दिया गया है। हालांकि, इससे पहले उनके भाई आकाश आनंद को लेकर पार्टी सुप्रीमो द्वारा उन्हें पार्टी से बाहर किए जाने का कदम उठाया जा चुका है।
जैसे ही राष्ट्रीय संयोजक पद पर उनके नाम की घोषणा हुई, ईशान आनंद ने मंच पर पहुंचकर बसपा सुप्रीमो मायावती के पैर छुए और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। पार्टी के भीतर चल रहे इन हालिया बदलावों के बाद से ही राजनीतिक हलकों में ईशान आनंद को लेकर चर्चाओं का बाजार काफी गर्म था, जिस पर अब उनकी नई जिम्मेदारी की घोषणा के साथ विराम लग गया है।
आपको बता दें कि कुछ समय पूर्व ही मायावती ने सार्वजनिक रूप से यह संकेत दिए थे कि ईशान आनंद को पार्टी के भीतर कोई सम्मानजनक जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इस बयान के सामने आने के बाद से ही तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे। आज आयोजित हुई इस अहम बैठक में मुख्य रूप से संगठन की मजबूती और आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर गहन मंथन किया गया। इसी विचार-विमर्श के दौरान अंततः ईशान आनंद को एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपे जाने का निर्णय सबके सामने लाया गया।
विधानसभा चुनाव 2027 के लिए बसपा की नई रणनीति
जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए बहुजन समाज पार्टी अपनी चुनावी रणनीति को धार देने में जुटी हुई है। इसी क्रम में पार्टी के भीतर बड़े पैमाने पर सांगठनिक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। आज हुई इस खास बैठक में पार्टी के तमाम वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों से आए पार्टी अध्यक्षों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
इस दौरान मायावती ने आगामी चुनावों की जमीनी तैयारियों और प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया को लेकर विस्तार से चर्चा की। साथ ही, मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को मद्देनजर रखते हुए सभी प्रमुख पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।
