एडीए बोर्ड बैठक में बड़े फैसले: ‘ग्रेटर आगरा’ के लिए जमीन दरें तय, एडीए क्षेत्र में शामिल होंगे 98 नए गांव

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आगरा। ताजनगरी के सुनियोजित विस्तार, आधुनिक आवासीय योजनाओं और खेल-संस्कृति के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) ने कमर कस ली है। मंडलायुक्त नागेंद्र प्रताप की अगुवाई में संपन्न हुई एडीए बोर्ड की अहम बैठक में शहर की सूरत बदलने वाले कई दूरगामी फैसले लिए गए।

इस बैठक में न केवल ‘ग्रेटर आगरा योजना’ के तहत भूखंडों की कीमतें तय की गईं, बल्कि विकास प्राधिकरण की परिधि का दायरा बढ़ाते हुए 98 नए गांवों को इसमें जोड़ने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। बैठक के दौरान जल निकासी, जर्जर हो चुकी इमारतों के पुनर्विकास, ट्रैफिक मैनेजमेंट और वर्ल्ड-क्लास खेल सुविधाओं पर बिंदुवार रणनीति तैयार की गई।

ग्रेटर आगरा और टाउनशिप के लिए जमीन के दाम निर्धारित

एडीए बोर्ड ने ग्राम रायपुर और रहनकलां में आकार ले रही महत्वाकांक्षी ‘ग्रेटर आगरा योजना’ के लिए भूखंडों की दरों पर अंतिम मुहर लगा दी है। इसके तहत आवासीय प्लॉट की कीमत 33 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर तय की गई है। वहीं, ग्रुप हाउसिंग के लिए दरें आवासीय से 1.50 गुना, जबकि कमर्शियल (व्यावसायिक) और मिक्स्ड लैंड यूज वाले भूखंडों की कीमत आवासीय दरों से दोगुनी (2 गुना) रखी गई है।

पब्लिक और सेमी-पब्लिक सुविधाओं के लिए सुरक्षित जमीनों की दरें सामान्य आवासीय दर के बराबर ही रहेंगी।

इसके साथ ही, बोर्ड ने गंगापुरम (टाउनशिप-3) और नर्मदापुरम (टाउनशिप-7) में आंतरिक विकास कार्यों के दौरान आए बदलावों (विचलनों) को भी अपनी स्वीकृति दे दी है, जिससे यहाँ विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ेंगे।

​एडीए का बड़ा सीमा विस्तार: 98 नए गांव होंगे शामिल

​शहर के बढ़ते फैलाव को देखते हुए एडीए ने अपनी सीमाओं को नया विस्तार दिया है। बोर्ड द्वारा अनुमोदित संशोधित प्रस्ताव के तहत अब 98 नए गांवों को आगरा विकास प्राधिकरण के विकास क्षेत्र में शामिल कर लिया गया है। इसके विपरीत, पहले से नोटिफाइड 19 गांवों और दो आंशिक गांवों को इस सूची से बाहर (डी-नोटिफाई) करने का फैसला लिया गया है।

​इंफ्रास्ट्रक्चर अपडेट: टोल प्लाजा 80% तैयार, शास्त्रीपुरम में बनेगा नाला

​बैठक में आगरा इनर रिंग रोड के दूसरे फेज के तहत बन रहे नए टोल प्लाजा की प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस टोल प्लाजा का करीब 80 फीसदी निर्माण पूरा हो चुका है। इस पर मंडलायुक्त ने कड़े निर्देश दिए कि एनएचएआई (NHAI) से जल्द से जल्द जरूरी अप्रूवल लेकर एमओयू (MoU) की कागजी कार्रवाई पूरी की जाए, ताकि मानसून की बारिश शुरू होने से पहले उच्च गुणवत्ता के साथ काम निपटाया जा सके।

इसके अलावा, शास्त्रीपुरम योजना और यूपीएसआईडीसी (UPSIDC) इलाके में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए ड्रेनेज नाले के निर्माण को दो हिस्सों में बांटा गया है। इसके एक हिस्से का टेंडर और एग्रीमेंट हो चुका है, जबकि दूसरे फेज के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

​ताजनगरी फेस-2 के जर्जर आवास ढहेंगे; ककुआ-भांडई में बनेगा कन्वेंशन सेंटर

​आईआईटी रुड़की और पीडब्ल्यूडी की स्ट्रक्चरल ऑडिट रिपोर्ट में ताजनगरी फेस-2 के तहत बने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (LIG/EWS) के मकानों को बेहद जर्जर और असुरक्षित घोषित किया गया है। मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि यहां रह रहे आवंटियों से बातचीत कर उनकी सहमति ली जाए और उन्हें दूसरे सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए। इसके बाद इन खतरनाक इमारतों को ध्वस्त कर इस पूरी जमीन का नए सिरे से पुनर्विकास (री-डेवलपमेंट) किया जाएगा। इसके साथ ही, ककुआ-भांडई आवासीय योजना में एक अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर बनाने के लिए चुनी गई कंपनी के साथ एग्रीमेंट की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

पीपीपी मॉडल पर इंटरनेशनल इंडोर स्टेडियम और नजूल भूमि पर कब्जा

खेल प्रेमियों के लिए एक अच्छी खबर है कि मौजा पट्टी पचगई की जमीन पर पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के जरिए एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का इंडोर स्टेडियम बनाया जा रहा है। इसके लिए आरएफपी (RFP) तैयार कर निविदाएं (टेंडर) आमंत्रित कर ली गई हैं। वहीं, खेरिया मोड़ के पास स्थित नजूल की खाली जमीन को लेकर कमिश्नर ने सख्त निर्देश दिए कि एडीए तुरंत इस भूमि को अपने कब्जे में लेकर चारों तरफ बाउंड्रीवॉल बनवाए। साथ ही खेल विभाग के साथ मिलकर इस जमीन के भविष्य के उपयोग का प्लान तैयार करे।

जूता प्रदर्शनी केंद्र की नई कॉस्टिंग को मंजूरी

​जूता उद्योग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाई गई ‘जूता प्रदर्शनी प्रशिक्षण कल्याण केंद्र योजना’ के खाली पड़े स्पेस के लिए नई दरें स्वीकृत की गई हैं। अब नई दरों के मुताबिक, बेसमेंट के लिए ₹58,500, ग्राउंड फ्लोर (भूतल) के लिए ₹78,000 और फर्स्ट फ्लोर (प्रथम तल) के लिए ₹70,200 प्रति वर्गमीटर का मूल्य तय किया गया है।

​बोर्ड मेंबर्स ने उठाए जनता से जुड़े गंभीर मुद्दे

बैठक के दौरान एडीए बोर्ड के सदस्य शिवशंकर शर्मा ने सहकारी आवास समितियों द्वारा विकसित की गईं उन पुरानी कॉलोनियों का मुद्दा उठाया, जिनकी समितियां अब बंद हो चुकी हैं। उन्होंने मांग की कि नगर निगम सीमा में आने वाली इन कॉलोनियों को बंधकमुक्त कर सीधे नगर निगम को ट्रांसफर किया जाए। इस पर कमिश्नर ने सर्वे कराकर नियमों के तहत कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके साथ ही, एएसआई (ASI) संरक्षित स्मारकों के 100 मीटर के दायरे से बाहर एनओसी (NOC) की अनिवार्यता खत्म करने और बिल्डिंग मैप के आवेदनों का एक महीने के भीतर निपटारा करने के भी निर्देश दिए गए।

​वहीं, दूसरे बोर्ड सदस्य नागेंद्र दुबे ‘गामा’ ने रिंग रोड से फतेहाबाद रोड की तरफ शहर में एंट्री करने वाले पॉइंट पर लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों के खतरे की ओर ध्यान खींचा। मंडलायुक्त ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि वे पीडब्ल्यूडी और एडीए के अफसरों के साथ एक विशेष बैठक कर इस ब्लैक स्पॉट का तुरंत समाधान निकालें।

​बैठक में मौजूद रहे आला अधिकारी

​इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य रूप से आगरा के जिलाधिकारी मनीष बंसल, एडीए उपाध्यक्ष एम. अरून्मौली, सचिव संजय कुमार, मुख्य अभियंता संजीव कुमार, अधीक्षण अभियंता अतुल कुमार सिंह समेत बोर्ड सदस्य शिव शंकर शर्मा, नागेंद्र दुबे ‘गामा’ और कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।