लखनऊ/कुशीनगर: छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस के स्लीपर बोगी (S-1) में बक्से के अंदर मिले किशोरी के शव के मामले में राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) ने दिल दहला देने वाला खुलासा किया है। 16 वर्षीय मृतका शब्बा की हत्या किसी बाहरी ने नहीं, बल्कि उसके सगे पिता ने अपने बहन और बहनोई के साथ मिलकर की थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी बिग्गन अंसारी (निवासी सेवरही, कुशीनगर) को हिरासत में ले लिया है, जिसने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
हत्या की वजह: ‘ऑनर किलिंग’ का खौफनाक रूप
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 16 वर्षीय किशोरी दूसरे धर्म के एक युवक से फोन पर बात करती थी। पिता के बार-बार मना करने के बाद भी जब वह नहीं मानी, तो उसने अपनी लोक-लाज और डर के कारण इस खौफनाक साजिश को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी की दो बड़ी बेटियां पहले ही प्रेम विवाह कर चुकी थीं, जिसके कारण आरोपी को डर था कि शब्बा भी समाज के खिलाफ जाकर वही कदम उठाएगी।
सोची-समझी साजिश के तहत वारदात
हत्या को अंजाम देने के लिए आरोपी ने पहले अपनी पत्नी और दोनों बेटों को एक रिश्तेदार के घर भेज दिया। घर में केवल किशोरी और उसकी बुजुर्ग दादी मौजूद थीं। 16 मई को बिग्गन अंसारी ने अपनी बहन और बहनोई को घर बुलाया और सबने मिलकर शब्बा की गला घोंटकर हत्या कर दी।
पहचान छिपाने के लिए किए 6 टुकड़े
क्रूरता की हदें पार करते हुए आरोपियों ने धारदार हथियार से शव को काटकर 6 हिस्सों में बांट दिया। पहचान छिपाने के उद्देश्य से सिर को धड़ से अलग कर गांव के ही एक तालाब में फेंक दिया। बाकी के हिस्सों (धड़ और हाथ-पैर) को प्लास्टिक और पुराने कपड़ों में लपेटकर एक बड़े बक्से में बंद कर दिया। इसके बाद आरोपी ई-रिक्शा के जरिए तमकुहीरोड स्टेशन पहुंचे और बक्से को छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में लावारिस छोड़कर खुद एसी (AC) कोच के जरिए फरार हो गए।
CCTV फुटेज और गोताखोरों की मदद से खुला राज
गोमतीनगर स्टेशन पर रविवार को जब रेलवे कर्मियों और जीआरपी ने लावारिस बक्सा खोला, तो अंदर का मंजर देखकर सबके होश उड़ गए। मामले की तफ्तीश में जुटी पुलिस ने स्टेशनों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें तीनों संदिग्धों की हरकतें कैद पाई गईं। फुटेज के आधार पर पुलिस ने बिग्गन अंसारी को दबोचा। आरोपी की निशानदेही पर गोताखोरों की मदद से स्थानीय तालाब से किशोरी का कटा हुआ सिर और हत्या में इस्तेमाल हथियार भी बरामद कर लिया गया है।
जीआरपी इस पूरी वारदात का जल्द ही आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर औपचारिक तौर पर खुलासा करेगी। इस वीभत्स घटना ने ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा और चेकिंग व्यवस्था पर भी गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।


