आगरा में महंगाई को लेकर सपा का हल्लाबोल: ​सांसद नजरबंद, महानगर अध्यक्ष हिरासत में, कलेक्ट्रेट पर जोरदार हंगामा, सब्जी की माला पहनकर जताया विरोध

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आगरा: ताजनगरी में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और पेट्रोल-डीजल की आसमान छूती कीमतों के खिलाफ समाजवादी पार्टी ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पर उग्र प्रदर्शन किया। तपती दोपहरी और भारी पुलिस मुस्तैदी के बावजूद बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचने में सफल रहे और सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कई प्रदर्शनकारी गले में सब्जी की माला पहनकर प्रशासनिक भवन पहुंचे।

​सांसद नजरबंद, महानगर अध्यक्ष हिरासत में

सपा के इस पूर्व घोषित मार्च और घेराव को रोकने के लिए आगरा पुलिस सुबह से ही पूरी तरह मुस्तैद थी। पुलिस ने रणनीति के तहत सपा के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन को संजय प्लेस स्थित उनके एचआईजी फ्लैट में नजरबंद (House Arrest) कर दिया।

वहीं, महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास को जीवनी मंडी स्थित उनके पेट्रोल पंप से पुलिस ने हिरासत में ले लिया, जिसके बाद सपाईयों का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज कार्यकर्ताओं ने सीधे थाना छत्ता का घेराव कर दिया और पुलिसिया कार्रवाई को लोकतांत्रिक आवाज दबाने की कोशिश बताया। इस बीच जिलाध्यक्ष ऊदल सिंह कुशवाह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं को रोकते हुए पुलिस उन्हें अपने साथ कलेक्ट्रेट ले आई।

​नीट पेपर लीक और बेरोजगारी का उठा मुद्दा

कलेक्ट्रेट पर प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए सपा नेताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। सपाइयों ने कहा कि सरकार पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर नियंत्रण करने के बजाय सिर्फ उपदेश दे रही है। इसके अलावा हाल ही में हुए नीट (NEET) पेपर लीक मामले पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे युवाओं का भविष्य अंधकार में है।

​’मेलोडी टॉफी’ बांटकर कसा तंज

इस राजनीतिक टकराव और तीखे प्रदर्शन के बीच कलेक्ट्रेट परिसर में एक बेहद अनोखा और चर्चित दृश्य भी देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया अंतरराष्ट्रीय दौरे के दौरान वायरल हुए ‘मेलोडी’ वीडियो पर तंज कसते हुए एक सपा कार्यकर्ता प्रदर्शन स्थल पर ‘मेलोडी टॉफियां’ लेकर पहुंचा। उसने वहां मौजूद लोगों और समर्थकों को टॉफियां बांटकर सरकार की प्राथमिकताओं पर व्यंग्य किया, जो पूरे कलेक्ट्रेट परिसर में चर्चा का विषय बना रहा।

​सपा नेताओं ने दोटूक शब्दों में कहा कि देश में जनता आर्थिक संकट से जूझ रही है और जब विपक्ष इस पर आवाज उठाता है, तो पुलिस बल का प्रयोग कर उसे दबाने का प्रयास किया जाता है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।