मुंबई (अनिल बेदाग): भारतीय सिनेमा में भक्ति और भव्यता का एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। राम नवमी के पावन पर्व पर अभिनेत्री और निर्मात्री कृष्णा गौतम ने अपनी आगामी द्विभाषी फिल्म ‘आदि जगतगुरु शंकराचार्य’ की आधिकारिक घोषणा कर दी है। यह फिल्म न केवल एक महान दार्शनिक की बायोपिक होगी, बल्कि भारतीय सनातन संस्कृति और अद्वैत वेदांत के दर्शन को आधुनिक सिनेमाई तकनीक के साथ जीवंत करने का एक साहसिक प्रयास भी है।
सनातन परंपराओं को एक सूत्र में पिरोने की कहानी
आदि शंकराचार्य के जीवन पर आधारित यह फिल्म उनकी अलौकिक आध्यात्मिक यात्राओं और पूरे भारत में अद्वैत वेदांत के प्रचार-प्रसार को दर्शाएगी। फिल्म का मुख्य उद्देश्य यह दिखाना है कि कैसे आदि शंकराचार्य ने अपनी प्रखर बुद्धि और भक्ति के बल पर बिखरती हुई सनातन परंपराओं को फिर से एक सूत्र में पिरोया था।
सोशल मीडिया पर पोस्टर के साथ दी जानकारी
कृष्णा गौतम ने फिल्म का पहला पोस्टर साझा करते हुए अपना विजन स्पष्ट किया। उन्होंने लिखा कि उनका लक्ष्य केवल एक फिल्म बनाना नहीं, बल्कि दर्शकों को उस ‘सिनेमाई जादू’ का अनुभव कराना है जो उन्हें फिर से सिनेमाघरों तक खींच लाए।
2027 की शुरुआत में होगा ‘आध्यात्मिक वैभव’ का दीदार
एक्सव्हाईज़ेड प्रोडक्शंस प्राइवेट लिमिटेड (XYZ Productions Pvt. Ltd.) बैनर के तले फ़िल्म का निर्माण किया जा रहा है । जिसकी वर्ष 2027 की शुरुआत में रिलीज होने की संभावना है । फिल्म को विशेष रूप से ‘लार्जर दैन लाइफ’ थिएटर अनुभव के लिए डिजाइन किया जा रहा है, जिसमें इतिहास, भक्ति और भव्य विजुअल्स का संगम होगा।
इतिहासकारों और सिनेमा विशेषज्ञों का मानना है कि यह फिल्म भारतीय सिनेमा में आध्यात्मिक बायोपिक्स के एक नए युग की शुरुआत कर सकती है, जो युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने में सहायक होगी।

