नई दिल्ली/लखनऊ: जनता दल यूनाइटेड (JDU) के दिग्गज नेता रहे केसी त्यागी ने आखिरकार अपनी नई राजनीतिक राह चुन ली है। रविवार को नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय लोकदल (RLD) की सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर आरएलडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने खुद उनका पार्टी में स्वागत किया।
”52 साल पुराना रिश्ता”: केसी त्यागी की घर वापसी
आरएलडी में शामिल होने के बाद केसी त्यागी भावुक नजर आए। उन्होंने इसे अपनी ‘घर वापसी’ बताते हुए कहा, “मैंने अपना राजनीतिक जीवन लोकदल से ही शुरू किया था। 52 साल पहले जब चौधरी चरण सिंह लोकदल का निर्माण कर रहे थे, तब भी मैं उस मंच पर मौजूद था। उन्होंने मुझे बहुत कम उम्र में हापुड़ से चुनाव लड़ने का टिकट दिया और आर्थिक मदद भी की थी।”
त्यागी ने स्पष्ट किया कि वह अब सांसद या विधायक बनने की होड़ में नहीं हैं, बल्कि उनका लक्ष्य जयंत चौधरी में चौधरी चरण सिंह की छवि को देखना और उनके अधूरे सपनों को पूरा करना है।
JDU और RLD के बीच कोई फर्क नहीं
नीतीश कुमार के करीबी रहे त्यागी ने कहा कि जदयू और आरएलडी की विचारधारा में कोई अंतर नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि एक समय नीतीश कुमार और चौधरी अजित सिंह मिलकर एक नई पार्टी बनाने की योजना बना रहे थे। उन्होंने कहा कि भले ही वह जदयू से अलग हो गए हों, लेकिन नीतीश कुमार के प्रति उनका व्यक्तिगत सम्मान पहले जैसा ही रहेगा।
यूपी वेस्ट की सियासत पर पड़ेगा बड़ा असर
केसी त्यागी का आरएलडी में आना उत्तर प्रदेश की राजनीति, खासकर पश्चिमी यूपी (यूपी वेस्ट) के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है । जाट-त्यागी समीकरण से हापुड़-गाजियाबाद के पूर्व सांसद रह चुके त्यागी की जाट और त्यागी वोटरों के बीच गहरी पैठ है। त्यागी का दशकों का अनुभव और रणनीति बनाने की क्षमता आगामी चुनावों में आरएलडी को बड़ी बढ़त दिला सकती है।
कौन हैं केसी त्यागी?
गाजियाबाद के रहने वाले किशन चंद त्यागी (केसी त्यागी) का राजनीतिक करियर 1970 के दशक से शुरू हुआ था। वह 1989 में लोकसभा और 2013 में राज्यसभा के सदस्य रह चुके हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी और जदयू में राष्ट्रीय महासचिव व मुख्य प्रवक्ता जैसे महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। हाल ही में उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए जदयू के पदों से इस्तीफा दिया था।

