आगरा में भव्य रूप से मनाई गई अशोक सिंघल की जन्मशती: दिनेश चंद और साध्वी ऋतंभरा ने किया स्मरण, हिंदू समाज को एकजुट रहने का संदेश

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आगरा: ताजनगरी आगरा में विश्व हिंदू परिषद (VHP) के पूर्व अध्यक्ष और ऐतिहासिक श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के महान प्रणेता श्रद्धेय अशोक सिंघल की 100वीं जयंती के अवसर पर एक भव्य जन्मशती समारोह का आयोजन किया गया। शहर के सूरसदन प्रेक्षागृह में देशभक्ति और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में देश के जाने-माने संतों और वक्ताओं ने अशोक सिंघल के जीवन, उनके कड़े संघर्ष और हिंदू समाज के संगठन में उनके अतुलनीय योगदान को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। समारोह के दौरान उपस्थित जनसमूह ने जातीय विभाजन से ऊपर उठकर हिंदू समाज को एकजुट करने, सोशल मीडिया के भ्रम से सावधान रहने तथा सनातन संस्कृति के संरक्षण का संकल्प लिया।

​सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और वक्ताओं के संबोधन से सजा मंच

समारोह की शुरुआत अत्यंत मनमोहक देशभक्ति और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुई, जिसने पूरे प्रेक्षागृह के वातावरण को ऊर्जावान और भावपूर्ण बना दिया। इसके बाद विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक दिनेश चंद और प्रख्यात साध्वी दीदी मां ऋतंभरा ने अपने ओजस्वी संबोधन में अशोक सिंघल के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद किया। वक्ताओं ने बताया कि किस प्रकार उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र और धर्म के प्रति समर्पित कर दिया था।

‘धर्म, समाज और राष्ट्र के लिए समर्पित रहा अशोक सिंघल का जीवन’

विहिप संरक्षक दिनेश चंद ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आगरा की पावन माटी में जन्मे अशोक सिंघल का जीवन त्याग, तपस्या, संघर्ष और संगठन के प्रति अटूट निष्ठा का एक अनूठा प्रतीक है। उन्होंने कहा कि अशोक सिंघल ने विश्व हिंदू परिषद के माध्यम से न केवल भारत में, बल्कि वैश्विक स्तर पर हिंदू समाज को संगठित करने और सनातन संस्कृति की अलख जगाने का कार्य किया। श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन में उनकी भूमिका अत्यंत ऐतिहासिक और निर्णायक रही थी। उन्होंने युवाओं और आने वाली पीढ़ियों से आह्वान किया कि वे उनके जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्रसेवा के मार्ग पर आगे बढ़ें।

​साध्वी ऋतंभरा का आह्वान— ‘जात-पात के भेद से ऊपर उठे समाज’

साध्वी दीदी मां ऋतंभरा ने अपने संबोधन में हिंदू समाज की एकजुटता पर विशेष बल दिया। उन्होंने दो टूक कहा कि समाज को जातियों और पंथों के छोटे-छोटे भेदों से ऊपर उठना होगा, क्योंकि हिंदू समाज की वास्तविक शक्ति उसकी आपसी एकता में ही निहित है।

वर्तमान परिदृश्य पर चिंता जताते हुए उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी पहचान छिपाकर भ्रम, अविश्वास और आपसी वैमनस्य फैलाने वाले तत्वों के प्रति कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे षड्यंत्रकारियों से सतर्क रहना बेहद जरूरी है। साध्वी ने कहा कि अशोक सिंघल का पूरा जीवन समाज को एक सूत्र में पिरोने के लिए समर्पित था।

​समारोह में लिए गए तीन प्रमुख संकल्प

इस भव्य जन्मशती समारोह के दौरान उपस्थित सभी लोगों को समाज और राष्ट्रहित में कार्य करने के लिए तीन प्रमुख संकल्प दिलाए गए:

जात-पात और जातियों में नहीं बंटेंगे, बल्कि पूरे हिंदू समाज को आपस में जोड़ेंगे।

​सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भ्रम और वैमनस्यपूर्ण प्रयासों से पूरी तरह सावधान रहेंगे।

सनातन संस्कृति, राष्ट्रहित और धर्म की रक्षा के लिए हमेशा एकजुट होकर कार्य करेंगे।

विहिप के तमाम दिग्गज और कार्यकर्ता रहे उपस्थित

इस आयोजन को सफल बनाने में विश्व हिंदू परिषद और आनुषांगिक संगठनों के प्रमुख पदाधिकारियों की सक्रिय भूमिका रही। कार्यक्रम में प्रांत अध्यक्ष कन्हैयालाल अग्रवाल, प्रांत मंत्री अनुज सिंह, कार्यक्रम अध्यक्ष जयप्रकाश त्यागी, विशिष्ट अतिथि प्रदीप कुमार मौर्य, गौरव बंसल, दिनेश उपाध्याय, क्षेत्र संगठन मंत्री मुकेश खांडेकर, प्रांत संगठन मंत्री राजेश कुमार, राकेश त्यागी, अभय प्रताप सिंह, मुकेश राजपूत, दिग्विजय नाथ तिवारी, सुनील पाराशर, राहुल जोशी, दीपक अग्रवाल, राजीव शर्मा, विभाग संगठन मंत्री सुशील जी, अजय गर्ग और पवन दिवाकर सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।