अमेरिका की खुफिया एजेंसियों ने दी रूस को लेकर खतरनाक चेतावनी

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अमेरिकी खुफिया सूत्रों ने कहा कि रूस जमीन पर तो परमाणु बम का इस्‍तेमाल नहीं कर सकता है लेकिन अगर वह अंतरिक्ष में इसका प्रयोग करता है तो इससे अमेरिका समेत पश्चिमी देशों के सारे उपग्रह नष्‍ट हो सकते हैं।
अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का कहना है कि रूस का यह परमाणु बम धरती के ऊपर चक्‍कर लगा रहे कम्‍युनिकेशन नेटवर्क और मिल‍िट्री टारगेटिंग सिस्‍टम को तबाह कर सकता है। इस बीच अमेरिकी राष्‍ट्रपति जो बाइडन और व्‍हाइट हाउस दोनों ने ही इस खतरे को गंभीर बताया है।

व्‍हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा कि उन्‍होंने अभी इस खतरे के बारे में सार्वजनिक रूप से कोई ऐलान नहीं किया है ताकि लोगों दहशत में नहीं फैले। वरिष्‍ठ व‍िश्‍लेषक डॉक्‍टर मैल्‍कम डेविस ने कहा है कि अगर रूस के पास अंतरिक्ष में परमाणु हथियार है या उसने तैनात कर दिया है तो यह जानबूझकर और सीधे तौर पर साल 1967 में हुई स्‍पेस संधि का उल्‍लंघन है।

पुतिन ने परमाणु बम पर दी थी बड़ी चेतावनी

मैल्‍कम ने कहा, ‘बाहरी स्‍पेस संध‍ि अंतरिक्ष में स्थिरता के लिए बेहद अहम है। यह अंतर्राष्‍ट्रीय हथियार नियंत्रण के प्रयासों को बड़ा झटका माना जा रहा है।’ अमेरिकी संसद के खुफिया कमेटी के चीफ रिपब्लिकन सांसद माइक टर्नर ने रूस के प्‍लान के बारे में खुलासा किया लेकिन यह नहीं बताया कि पुतिन परमाणु बम तैनात कर रहे हैं।

उन्‍होंने बाइडन से कहा कि वह इसे सार्वजनिक करें ताकि लोगों को यह पता रहे कि क्‍या चल रहा है। सूत्रों ने कहा कि यह खुफिया सूचना बहुत चिंताजनक और बहुत संवेदनशील है।

व्‍हाइट हाउस में राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जैक सुलिवन ने कहा है कि अमेरिकी यह समझते हैं कि दुनिया में कई ऐसे खतरे और चुनौतियां हैं जिसका हम हर द‍िन सामना कर रहे हैं। जैक सुलिवन ने कहा कि मुझे पूरा भरोसा है कि राष्‍ट्रपति बाइडन अमेर‍िकी लोगों की सुरक्षा को सुनिश्चित करेंगे। अमेरिकी कांग्रेस के कई सदस्‍यों ने इस मुद्दे को बहुत गंभीर करार दिया है। पिछले साल पुतिन युद्ध के लिए उल्‍कापिंड जैसी हाइपरसोनिक मिसाइल को तैनात करने की योजना पर काम कर रहे थे।

परमाणु बम से लैस हथियार को धरती के बाहर के वातावरण से दागा जा सकता है और यह दुनिया में कहीं भी मात्र 30 मिनट के अंदर तबाही मचा सकती है। माना जाता है कि यह वही हथियार है जिसके बारे में पुतिन बार-बार कहते रहते हैं कि पश्चिमी देश इसे रोक नहीं सकते हैं।

-एजेंसी