​आगरा कैंट मारपीट मामला: पीड़ित अधिकारी की पत्नी की आत्मदाह की चेतावनी, बहन का रेल ट्रैक पर हंगामा

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आगरा। आगरा कैंट स्टेशन पर डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट नरेंद्र चाहर को प्लेटफॉर्म पर घसीटकर पीटने का मामला अब पूरे प्रदेश में बड़ा आंदोलन बनता जा रहा है। मंगलवार को सुबह से ही आगरा, मथुरा, झांसी समेत उत्तर प्रदेश के करीब 30 शहरों में रेल कर्मचारियों ने आरपीएफ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। प्रदर्शन के बीच पीड़ित अधिकारी के परिवार के भावुक और आक्रोश भरे बयानों ने माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया है।

सुबह करीब 10:30 बजे आगरा में हजारों रेल कर्मचारी सड़कों पर उतर आए। डीआरएम कार्यालय के बाहर रेलवे कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया और आरपीएफ के खिलाफ नारेबाजी की। महिला कर्मचारियों ने भी “आरपीएफ मुर्दाबाद” और “हाय-हाय” के नारे लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया।

पत्नी की चेतावनी-“न्याय नहीं मिला तो जान दे दूंगी”

दोपहर करीब डेढ़ बजे मीडिया के सामने आईं नरेंद्र चाहर की पत्नी हरेंद्री चाहर अपने आंसू नहीं रोक सकीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति के साथ बेहद अमानवीय व्यवहार किया गया है। रोते हुए उन्होंने कहा, “मेरे पति को इतनी बेरहमी से पीटा गया कि उस घटना का वीडियो तक देखा नहीं जा रहा। मैं अपने पति के लिए यह अपमान कभी बर्दाश्त नहीं कर सकती। अगर दोषी आरपीएफ जवानों को बर्खास्त नहीं किया गया और उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई, तो मैं जान दे दूंगी।” यह कहते-कहते हरेंद्री चाहर फूट-फूटकर रोने लगीं और उन्होंने अपनी साड़ी से चेहरा ढक लिया। उनके बयान के बाद प्रदर्शनकारी कर्मचारियों में भी आक्रोश और बढ़ गया।

बहन पटरी पर कूदीं, ट्रेन रोकने की चेतावनी से मची अफरातफरी

इधर, आंदोलन के बीच उस समय हड़कंप मच गया जब नरेंद्र चाहर की बहन अचानक रेलवे ट्रैक पर उतर गईं। उन्होंने ट्रेन रोकने की चेतावनी दी, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी फैल गई। मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों ने उन्हें समझाकर बड़ी मुश्किल से पटरी से हटाया। इस घटना ने आंदोलन की गंभीरता और परिवार के गुस्से को खुलकर सामने ला दिया।

नरेंद्र चाहर बोले-“अगर मैं दोषी होता तो जेल में होता”

घटना के बाद पहली बार खुलकर बोलते हुए डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट नरेंद्र चाहर ने सवाल उठाए कि आखिर कानून लागू करने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। उन्होंने कहा, “अगर मैं रिश्वत लेते पकड़ा जाता तो तुरंत जेल भेज दिया जाता। लेकिन जिन्होंने कानून जानते हुए अवैध वसूली की और मेरे साथ मारपीट की, क्या उनके लिए कोई जेल नहीं बनी है? क्या वे आज गिरफ्तार होंगे?” उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “या तो दोषियों की गिरफ्तारी होगी, या रेल चलेगी। मेरा पूरा परिवार पटरी पर बैठा है।”

प्रदेशभर में उबाल, 30 शहरों में विरोध प्रदर्शन

रेलवे अफसर से कथित मारपीट की घटना ने अब प्रदेशव्यापी आंदोलन का रूप ले लिया है। आगरा, मथुरा, झांसी समेत करीब 30 शहरों में रेल कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक दोषी आरपीएफ जवानों की गिरफ्तारी और बर्खास्तगी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। रेलवे संगठनों ने इस मामले को अधिकारियों की गरिमा और सुरक्षा से जोड़ते हुए सरकार और रेलवे प्रशासन से तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है।