लखनऊ/हरदोई: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव गुरुवार को हरदोई के मल्लावां क्षेत्र पहुँचे, जहाँ उन्होंने शिल्पी कुशवाहा के परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। 13 अप्रैल को हुई शिल्पी की नृशंस हत्या ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाते हुए अखिलेश यादव ने 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की और सत्ता पक्ष पर कड़ा प्रहार किया।
सोशल मीडिया पर जताया आक्रोश
परिजनों से मिलने के बाद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर लिखा, “‘हरदोई की बेटी’ के साथ हुए अन्याय के बारे में सोचकर जितना दुख होता था, पीड़ित परिवार से मिलकर उससे भी अधिक हुआ। सवाल यह है कि गरीब कब तक नाइंसाफी का शिकार होता रहेगा?
वर्चस्ववादियों की सत्ता क्या सिर्फ और सिर्फ कमजोरों पर प्रहार करने के लिए बनी है?” उन्होंने आगे कहा कि पीडीए (PDA) की सक्रिय एकता ही इस शोषण को खत्म करेगी और सामाजिक न्याय का राज आने पर ही ऐसे अत्याचार मिटेंगे।
क्या थी पूरी घटना?
घटना 13 अप्रैल की शाम की है, जब 26 वर्षीय शिल्पी कुशवाहा घर के पास कूड़ा डालने निकली थीं। इसी दौरान गांव के ही ऋषभ द्विवेदी ने पुरानी रंजिश या वर्चस्व के चलते उन पर फावड़े से हमला कर दिया। हमले में शिल्पी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतका के पिता राम रहीस की तहरीर पर पुलिस ने मुख्य आरोपी ऋषभ और उसके पिता प्रमोद द्विवेदी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।
पुलिस की कार्रवाई और निलंबन
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 15 अप्रैल को मुख्य आरोपी ऋषभ और 19 अप्रैल को उसके पिता प्रमोद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। हालांकि, मामले में पुलिस की शुरुआती शिथिलता और भूमिका पर सवाल उठने के बाद एसपी अशोक कुमार मीणा ने सख्त कदम उठाया। 28 अप्रैल को मल्लावां कोतवाल शिवाकांत पांडेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि सपा इस लड़ाई को सड़क से लेकर सदन तक लड़ेगी ताकि शिल्पी को न्याय मिल सके और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा सुनिश्चित हो।

