लखनऊ: राजधानी लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड के बाद घायलों का हाल जानने के लिए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव मंगलवार को किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज (KGMU) पहुँचे। उन्होंने अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात की और उनकी पीड़ा को साझा करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। अखिलेश ने इस घटना को व्यवस्था की बड़ी विफलता करार दिया है।
अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुए स्पष्ट आरोप लगाया कि यदि सुरक्षा मानकों और नियमों का पालन समय रहते किया गया होता, तो इस भयावह त्रासदी को टाला जा सकता था। उन्होंने कहा, “सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण इतने लोगों की जान चली गई। आज जो परिवार उजड़ गए हैं, उनकी भरपाई संभव नहीं है, लेकिन सरकार को उनके प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।”
अस्पताल में एक घायल युवक से मिलने के बाद सपा अध्यक्ष काफी भावुक नजर आए। उन्होंने बताया कि उस युवक ने अपनी जान बचाने के लिए इमारत से छलांग लगाई, जिससे उसकी रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आई है। अखिलेश ने कहा, “वह युवक अपने परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य है। मेरी मांग है कि जब तक वह पूरी तरह स्वस्थ होकर दोबारा काम पर नहीं लौटता, तब तक सरकार उसका पूरा इलाज कराए और उसे लगातार वेतन भी दे।”
मुआवजे की मांग पर अखिलेश ने जोर देते हुए कहा कि सरकार को मृतकों के आश्रितों को कम से कम एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करनी चाहिए। उन्होंने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, “मुख्यमंत्री जी अक्सर बुलडोजर कार्रवाई की बात करते हैं, तो क्या आज तक उस अवैध बिल्डिंग पर बुलडोजर चला? यह सरकार अहंकार में पूरी तरह चूर है, जिसे आम जनता का दर्द दिखाई नहीं देता।”
अखिलेश यादव के इस दौरे ने अग्निकांड के मामले को और अधिक राजनीतिक रंग दे दिया है। विपक्ष द्वारा सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जाने के बाद अब सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है।


