आगरा: उत्तर प्रदेश के आपराधिक इतिहास में करीब ढाई दशक पहले आतंक का पर्याय रहे ‘ओपी गैंग’ के पुराने गुर्गे एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। कभी सुपारी किलर के रूप में पहचान बनाने वाले इस गिरोह के सदस्य वक्त बदलने के साथ आपसी रिश्तों में दरार और पुरानी रंजिश के चलते आमने-सामने आ गए हैं। ताजा मामला आगरा कमिश्नरेट के शाहगंज थाना क्षेत्र का है, जहां ओपी गैंग से जुड़े पुराने सदस्यों के बीच हुई मारपीट के बाद पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
हिस्ट्रीशीटर शहीद बेग समेत कई पर मुकदमा
पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, शाहगंज थाना क्षेत्र में हुई मारपीट की इस घटना के बाद एक पक्ष की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई। वादी ‘अन्नी’ की शिकायत पर पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए हिस्ट्रीशीटर शहीद बेग, आसिफ बेग, रशीद बेग, यूसुफ और कुछ अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
इस कानूनी कार्रवाई के सामने आने के बाद से इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, मारपीट की यह घटना किन परिस्थितियों में और किस बात को लेकर हुई, इसकी विस्तृत वजह अभी आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आई है। पुलिस दोनों पक्षों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है।
कभी एक साथ जेल में बंद रहे थे दोनों पक्ष
इस पूरे मामले के तूल पकड़ने की सबसे बड़ी वजह दोनों पक्षों का लंबा और पुराना आपराधिक इतिहास बताया जा रहा है। सूत्रों और पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, विवाद में शामिल रहे ये लोग पूर्व में कभी एक साथ जेल की सलाखों के पीछे भी बंद रह चुके हैं। उस दौर में उनके बीच गहरा गठजोड़ और आपराधिक सहभागिता थी, लेकिन समय बीतने के साथ वही पुराने संबंध अब आपसी टकराव और दुश्मनी में बदलते नजर आ रहे हैं।
ढाई दशक पहले था ओपी गैंग का खौफ
करीब 25 साल पहले आगरा सहित उत्तर प्रदेश के कई जिलों में ‘ओपी गैंग’ का नाम अपराध जगत में सिर चढ़कर बोलता था। इस गिरोह की मुख्य पहचान सुपारी लेकर वारदातों को अंजाम देने वाले शातिर शूटरों और बदमाशों के रूप में थी। उस वक्त इस गैंग से जुड़े कई नाम पुलिस और खुफिया तंत्र के लिए सिरदर्द बने हुए थे। अब इतने लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर इसी गैंग के पुराने सदस्यों के आमने-सामने आने से पुरानी आपराधिक फाइलों के पन्ने दोबारा पलटे जाने लगे हैं।
फिलहाल, शाहगंज पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के पीछे की असल वजह क्या थी और इस विवाद में और कौन-कौन लोग पर्दे के पीछे सक्रिय हैं। जांच पूरी होने के बाद ही मामले से जुड़े सभी तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे।
