आगरा: ताजनगरी के नॉर्थ ईदगाह कॉलोनी में मंगलवार को आध्यात्मिक उत्साह और धार्मिक उल्लास का वातावरण देखा गया। प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ के जन्मकल्याणक महोत्सव के उपलक्ष्य में निर्यापक मुनिश्री विलोकसागर महाराज एवं मुनिश्री विबोधसागर महाराज ससंघ का कॉलोनी में मंगल प्रवेश हुआ। ढोल-नगाड़ों की थाप और ‘गुरुवर के जयकारों’ के बीच समग्र जैन समाज ने मुनिसंघ का भव्य स्वागत किया।
गुदड़ी मसूर खां से नॉर्थ ईदगाह तक भक्ति पथ
मुनिसंघ ने मंगलवार सुबह श्री शीतलनाथ दिगम्बर जैन मंदिर (गुदड़ी मसूर खां) से मंगल विहार शुरू किया। रास्ते भर श्रद्धालु मुनिश्री की एक झलक पाने और आशीर्वाद लेने के लिए आतुर दिखे। जैसे ही मुनिसंघ नॉर्थ ईदगाह कॉलोनी पहुँचा, वहां मौजूद सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मुनिश्री के पाद प्रक्षालन कर अपनी अटूट श्रद्धा प्रकट की।
इसके बाद मुनिसंघ श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर पहुँचे, जहाँ उन्होंने मूलनायक भगवान आदिनाथ की अतिशयकारी प्रतिमा के दर्शन और वंदना की। मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने मुनिश्री को श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
मुनिश्री की मंगलवाणी: “संयम ही जीवन का आधार”
मंगल प्रवेश के उपरांत आयोजित धर्मसभा में निर्यापक मुनिश्री विलोकसागर महाराज ने अपनी ओजस्वी वाणी से भक्तों को निहाल किया। उन्होंने धर्म, संयम और अटूट आस्था के महत्व को समझाते हुए कहा, “आध्यात्मिक मार्ग ही वह एकमात्र पथ है जो मानव जीवन को सार्थकता प्रदान करता है। संयम के बिना साधना अधूरी है।”
आगामी कार्यक्रम: 12 मार्च को निकलेगी विशाल रथयात्रा
महोत्सव के मुख्य संयोजक मनोज जैन बाकलीवाल ने आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा साझा की:
11 मार्च: सुबह ध्वजारोहण के साथ भगवान आदिनाथ विधान का सामूहिक आयोजन किया जाएगा।
12 मार्च: प्रातः 7 बजे भगवान आदिनाथ के जन्म एवं तप कल्याणक के पावन अवसर पर भव्य रथयात्रा एवं शोभायात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा नॉर्थ ईदगाह क्षेत्र के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगी, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।
इस मंगल प्रवेश के दौरान मनोज जैन बाकलीवाल, अशोक जैन, अजय जैन, राजेश जैन बल्ले, संजीव जैन और विनोद जैन सहित समाज के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

