Agra News: नगर निगम नहीं, ठेकेदार का था ‘कातिल’ टैंकर, करन शर्मा की मौत मामले में बड़ा खुलासा, रवि लवानिया के अवैध संचालन पर उठे सवाल

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आगरा: आगरा के शंकरगढ़ पुलिया-अवधपुरी मार्ग पर शुक्रवार को 20 वर्षीय छात्र करन शर्मा की जान लेने वाले सड़क हादसे में एक ऐसा सनसनीखेज मोड़ आया है, जिसने नगर निगम की ठेका प्रणाली और परिवहन नियमों की धज्जियां उड़ा दी हैं। पुलिस जांच में यह साफ हो गया है कि जिस सीवर सफाई टैंकर ने करन को कुचला, वह नगर निगम का अपना वाहन नहीं था और न ही उसके पास सड़क पर चलने का वैध अधिकार था।

​जुलाई 2025 में ही खत्म हो गया था परमिट

जांच में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया है कि हादसे में शामिल टैंकर का सरकारी परमिट जुलाई 2025 में ही समाप्त हो चुका था। पिछले कई महीनों से यह वाहन बिना किसी वैध दस्तावेज, फिटनेस और कानूनी अनुमति के शहर की व्यस्त सड़कों पर बेखौफ दौड़ रहा था। नियमों के मुताबिक जिस वाहन को कबाड़ या यार्ड में होना चाहिए था, वह नगर निगम के ठेके के तहत ‘सफाई’ के नाम पर मौत बांट रहा था।

​ठेकेदार रवि लवानिया की भूमिका जांच के घेरे में

पुलिस ने शिनाख्त की है कि यह टैंकर ठेकेदार रवि लवानिया के अधीन संचालित किया जा रहा था। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या ठेका देते समय या भुगतान करते समय नगर निगम के अधिकारियों ने वाहन के दस्तावेजों की जांच नहीं की? बिना परमिट के वाहन को सरकारी कार्य में लगाना न केवल प्रशासनिक लापरवाही है, बल्कि एक गंभीर आपराधिक कृत्य भी है।

​हादसे का मंजर: टूट गए परिवार के सपने

शाहगंज के रामकुंज निवासी करन शर्मा शुक्रवार दोपहर अपनी स्कूटी से कोचिंग के लिए निकला था। शंकरगढ़ पुलिया के पास स्कूटी फिसलने से करन सड़क पर गिरा और पीछे से आ रहे इस अवैध सीवर टैंकर ने उसे कुचल दिया। करन की मौके पर ही मौत हो गई। जो बेटा भविष्य संवारने घर से निकला था, उसका निर्जीव शरीर देख परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

​पुलिस की कार्रवाई और आगामी जांच

पुलिस ने टैंकर को तत्काल कब्जे में ले लिया है और चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। परिजनों की तहरीर पर पुलिस अब ठेकेदार और चालक के खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी कर रही है।

पुलिस अब इस बिंदु पर भी फाइल खोल रही है कि नगर निगम के किस स्तर पर इस अवैध वाहन को सड़क पर उतारने की मौन सहमति दी गई थी।

शहर में आक्रोश: ‘अवैध सिस्टम’ का अगला शिकार कौन?

इस खुलासे के बाद आगरा की जनता में भारी रोष है। लोगों का पूछना है कि शहर में ऐसे कितने और वाहन हैं जो बिना फिटनेस और परमिट के ‘ठेके’ की आड़ में चल रहे हैं? करन शर्मा की मौत ने साबित कर दिया है कि सड़कों पर चल रहे ये एक्सपायर्ड वाहन किसी भी समय किसी के भी घर का चिराग बुझा सकते हैं। अब देखना यह होगा कि क्या कार्रवाई सिर्फ चालक तक सिमटती है या ठेकेदार और लापरवाह अधिकारियों पर भी गाज गिरती है।