आगरा: ताजनगरी के सबसे पुराने और व्यस्ततम व्यापारिक केंद्र ‘किनारी बाजार’ में गुरुवार की मध्य रात्रि करीब 11:45 बजे एक भीषण हादसा हो गया। यहाँ सीताराम कॉलोनी निवासी सराफ रिंकू बंसल (बंसल ज्वैलर्स) का तीन मंजिला शोरूम अचानक तेज धमाके के साथ ताश के पत्तों की तरह ढह गया। गनीमत रही कि घटना आधी रात को हुई जब बाजार पूरी तरह बंद था, अन्यथा दिन के समय यह हादसा सैकड़ों जिंदगियों पर भारी पड़ सकता था।
दहशत में आए लोग: भूकंप जैसा महसूस हुआ झटका
रात की खामोशी के बीच जब इमारत गिरी, तो उसकी आवाज इतनी भीषण थी कि आसपास के घरों में सो रहे लोग दहशत में आ गए। स्थानीय निवासियों के अनुसार, उन्हें लगा जैसे कोई बड़ा धमाका हुआ है या भूकंप आया है। जैसे ही लोग बाहर निकले, पूरे इलाके में धूल का गुबार छाया हुआ था और ‘पंजाब बूट हाउस’ के पास स्थित आगरा बर्तन भंडार के सामने वाली पूरी बिल्डिंग मलबे के ढेर में तब्दील हो चुकी थी।
क्या खुदाई बनी हादसे की वजह?
क्षेत्रीय लोगों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि धराशाई हुई बिल्डिंग लंबे समय से जर्जर स्थिति में थी। कुछ लोगों का आरोप है कि जर्जर बिल्डिंग में कुछ खुदाई या निर्माण कार्य चल रहा था। वास्तविकता जांच के बाद ही सामने आ सकती है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने पहले भी जर्जर हालत को लेकर मालिक को आगाह किया था, लेकिन समय रहते ध्यान नहीं दिया गया।
प्रशासन का रेस्क्यू ऑपरेशन और ‘येलो टेप’ घेरेबंदी
हादसे की सूचना मिलते ही थाना कोतवाली पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुँच गए। पुलिस ने तत्काल येलो टेप (Yellow Tape) लगाकर पूरे इलाके को सील कर दिया ताकि कोई मलबे के पास न जाए।
मलबा हटाना शुरू: चूंकि किनारी बाजार आगरा का मुख्य व्यापारिक मार्ग है, इसलिए शुक्रवार सुबह बाजार खुलने से पहले सड़क साफ करना बड़ी चुनौती थी। पुलिस ने रात में ही ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लगवाकर मलबा हटाने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया।
बचाव कार्य: पुलिस और प्रसाशन की टीम ने मलबे की जांच की ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई व्यक्ति अंदर तो नहीं दबा था। शुरुआती जांच में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
नगर निगम की भूमिका पर सवाल
इस हादसे ने शहर के पुराने इलाकों में स्थित सैकड़ों जर्जर इमारतों की सुरक्षा पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। प्रशासन ने अब आसपास की अन्य पुरानी और कमजोर इमारतों की जांच के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि शहर में खतरनाक घोषित किए गए भवनों के खिलाफ जल्द ही बड़ा अभियान चलाया जाएगा।


