आगरा: किरावली और अछनेरा क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जहाँ पारिवारिक रिश्तों पर धन-संपत्ति का लालच भारी पड़ता दिख रहा है। श्रीमती राजकुमारी नामक एक बुजुर्ग महिला ने अपनी ही पुत्रवधू पर गंभीर आरोप लगाते हुए सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) शैलेंद्र सिंह से न्याय की गुहार लगाई है। चार साल से दर-दर भटक रही बुजुर्ग महिला का कहना है कि उनकी पुत्रवधू ने घर से बेदखल कर उनकी सारी संपत्ति हथिया ली है।
क्या है पूरा मामला?
अछनेरा क्षेत्र के गाँव छहपोखर निवासी राजकुमारी ने बताया कि उनके पति बच्चू सिंह के निधन के बाद उनकी पुत्रवधू ने परिवार को बिखरने की साजिश रची। महिला का आरोप है कि पुत्रवधू ने न केवल अपने पति (राजकुमारी के बेटे) राकेश के साथ मारपीट कर उसे घर से भगा दिया, बल्कि उनकी डेढ़ बीघा जमीन और पैतृक मकान पर भी जबरन कब्जा कर लिया। स्थिति यहाँ तक पहुँच गई कि उनका अपना प्लॉट भी कथित तौर पर बिना उनकी सहमति के बेच दिया गया।
शरणार्थी बनकर रहने को मजबूर पीड़ित सास
राजकुमारी ने रोते हुए अधिकारियों को बताया कि जान बचाने और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्हें अपना गाँव छोड़ना पड़ा। वर्तमान में वे अछनेरा कस्बे में एक किराए के मकान में रहने को विवश हैं। महिला ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि समझौते के नाम पर गाँव के पंचों ने उनसे 60 हजार रुपये लिए थे, जो आज तक वापस नहीं मिले। उनके साथ कई बार मारपीट की गई और यहाँ तक कि जहर देकर मारने तक का प्रयास किया गया।
चार साल से भटक रही है न्याय के लिए
पीड़िता का कहना है कि वे पिछले चार सालों से थाना अछनेरा के चक्कर काट रही हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर दबंगों के प्रभाव के चलते उनकी सुनवाई नहीं हुई। बुधवार को उन्होंने एसीपी शैलेंद्र सिंह से मुलाकात कर अपनी आपबीती सुनाई और घटना से जुड़े कुछ फोटो भी प्रमाण के तौर पर प्रस्तुत किए। उनकी व्यथा सुनकर मौके पर मौजूद अधिकारी भी भावुक हो गए।
एसीपी ने दिया निष्पक्ष जांच का भरोसा
एसीपी शैलेंद्र सिंह ने बुजुर्ग महिला की शिकायत को अत्यंत गंभीरता से लिया है। उन्होंने पीड़िता को ढांढस बंधाते हुए निष्पक्ष जांच करने और दोषियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है और लोग पुत्रवधू के इस अमानवीय कृत्य की कड़ी निंदा कर रहे हैं।


