Agra News: अखिल भारतीय जाट एकता एसोसिएशन की बैठक में उठी मांग, सिकंदरा मेट्रो स्टेशन का नाम ‘रामकी राजाराम’ करने पर हुआ विचार

विविध

आगरा। आगरा के मारुति एस्टेट स्थित “राना सदन” में अखिल भारतीय जाट एकता एसोसिएशन की मासिक बैठक संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में समाजहित से जुड़े कई प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई, जिनमें सबसे प्रमुख मांग सिकंदरा मेट्रो स्टेशन का नाम बदलकर “रामकी राजाराम मेट्रो स्टेशन” रखने की रही। इसके अतिरिक्त, चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले दो प्रतिष्ठित चिकित्सक दंपतियों का सम्मान, व्यापक वृक्षारोपण अभियान को बढ़ावा देने और संगठन की सदस्यता संख्या में वृद्धि करने जैसे विषयों पर गंभीरता से मंथन किया गया।

​प्रमुख पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता एसोसिएशन के राष्ट्रीय संरक्षक कृपालु किंकर महाराज ने की, जबकि संचालन जिला शिक्षा अध्यक्ष एवं प्रताप पब्लिक स्कूल, सिकंदरा के संचालक यतेन्द्र सोलंकी द्वारा किया गया। कार्यक्रम के निर्देशक एवं कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी विपिन चौधरी ने संभाली। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में ‘जाट समाज’ पत्रिका के संपादक एवं जाट इतिहास के शोधकर्ता राजेन्द्र फौजदार उपस्थित रहे। वहीं, विशिष्ट अतिथि के रूप में उदयवीर सिंह चाहर (बी.ओ. साहब) और प्रहलाद सिंह चाहर ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम को भव्यता प्रदान करने में एन.के. राना, बंटी राना एवं देवेन्द्र राना की भूमिका सराहनीय रही।

​चिकित्सक दंपतियों का हुआ सम्मान

बैठक के दौरान चिकित्सा क्षेत्र में अभूतपूर्व सेवाओं के लिए दो चिकित्सक दंपतियों को “जाट सारथी” की मानद उपाधि से नवाजा गया। इनमें दंत चिकित्सक डॉ. संदीप फौजदार एवं डॉ. सुरभि फौजदार, तथा न्यूरो सर्जन डॉ. विजयवीर सिंह एवं डॉ. शुभांगी सिंह शामिल रहे। सम्मान स्वरूप उन्हें स्मृति चिह्न (मोमेंटो), संगठन की प्रपत्र फाइल तथा “जाट समाज” पत्रिका भेंट की गई। इस सम्मान के उपरांत चिकित्सक दंपतियों ने संगठन के प्रति अपनी अटूट आस्था प्रकट करते हुए समाजसेवा के मार्ग पर निरंतर अग्रसर रहने का संकल्प लिया।

इतिहास और संस्कृति का गौरवशाली मंथन

मुख्य अतिथि राजेन्द्र फौजदार ने अपने शोधपरक संबोधन में जाट शासकों के गौरवशाली इतिहास पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए महाराजा जवाहर सिंह के ऐतिहासिक योगदान का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक तथ्यों को जानना प्रत्येक समाज के लिए जरूरी है ताकि अपनी विरासत को सुरक्षित रखा जा सके। वहीं, प्रधान जयवीर सिंह आर्य ने अपने संबोधन में जाट समाज की समृद्ध संस्कृति, गौरवशाली परंपरा और “जाटत्व” की अवधारणा को विस्तार से स्पष्ट किया।

​पर्यावरण और संगठन विस्तार पर जोर

विशिष्ट अतिथि उदयवीर सिंह चाहर ने पर्यावरण संरक्षण को आज के दौर की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने की पुरजोर अपील की। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि संगठन के सदस्यता अभियान को और अधिक व्यापक बनाया जाएगा ताकि समाज के अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ा जा सके।
​प्रमुख नागरिकों की सहभागिता

बैठक में अशोक चौधरी, अजीत सिंह मालान, जयवीर सिंह प्रधान, ख्यालीराम, प्रेम सिंह चाहर, राजबीर सिंह प्रमुख, वीरेन्द्र इन्दोलिया, ओमवीर सिंह, रवि चौधरी, नरेन्द्र सिंह वर्मा, लाखन सिंह उन्देरा, राम विजय सिंह, मनिन्दर सिंह, रामबीर सिंह, पवन कुमार, उदयवीर सिंह परिहार, भरत चाहर, मनोहर सिंह चाहर, भूपेन्द्र सिंह, वी. वर्मा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। महिला मोर्चा की ओर से मधु चौधरी, सतेन्दरी आर्य, डॉ. शुभांगी सिंह, डॉ. सुरभि फौजदार, रजनी सोलंकी, कमलेश रावत, सोनम एवं श्रीमती राना ने सक्रिय सहभागिता निभाई।

​नारों के साथ हुआ भव्य समापन

कार्यकारी अध्यक्ष विपिन चौधरी ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का हार्दिक आभार व्यक्त किया। अंत में सभा के अध्यक्ष कृपालु किंकर भागवताचार्य ने सम्मानित चिकित्सकों को अपनी लिखित पुस्तकें भेंट कीं और सभी को जलपान के लिए आमंत्रित किया। वीरेन्द्र इन्दोलिया, बंटी राना और ओमबीर नरवार के नेतृत्व में “जाट एकता जिंदाबाद” और “जाट एकता एसोसिएशन जिंदाबाद” के गगनभेदी नारों के साथ यह कार्यक्रम सौहार्द और सामाजिक एकजुटता के साथ संपन्न हुआ।