आगरा। जमीन धोखाधड़ी के मामले में जेल की हवा खाकर हाल ही में जमानत पर रिहा हुए समाजवादी पार्टी (सपा) नेता विवेक यादव एक बार फिर कानूनी शिकंजे में फंस गए हैं। विवेक यादव के खिलाफ अब गवाहों को डराने-धमकाने और उन पर समझौते का दबाव बनाने का गंभीर मामला दर्ज किया गया है। थाना एकता पुलिस ने पीड़ित पक्ष की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
समझौते के लिए दबाव और धमकी का आरोप
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि जेल से जमानत पर छूटने के बाद सपा नेता विवेक यादव ने अपने सहयोगियों के जरिए गवाहों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था। शिकायत में कहा गया है कि गवाहों को या तो मामले में समझौता करने या अदालत में अपने बयान बदल देने के लिए मजबूर किया जा रहा था। इतना ही नहीं, ऐसा न करने पर उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियाँ भी दी गईं। इस नए मुकदमे के दर्ज होने से स्थानीय राजनीति में हड़कंप मच गया है।
पुलिस की जांच जारी
थाना एकता पुलिस के अनुसार, तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की निष्पक्ष जांच में जुटी है। विवेचक का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और अन्य तथ्यों की गहराई से पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुरूप विधिक कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि विवेक यादव पहले से ही जमीन की धोखाधड़ी से जुड़े गंभीर मामले में नामजद रहे हैं और हाल ही में उन्हें अदालत से जमानत मिली थी। जमानत अवधि के दौरान ही इस नए मुकदमे ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।


