आगरा। आगरा कमिश्नरेट के अछनेरा थाना क्षेत्र में मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात पुलिस और बदमाशों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में दो कुख्यात अपराधियों को दबोच लिया गया है। गोवंश चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले ये बदमाश पुलिस की घेराबंदी के दौरान फायरिंग कर भागने की फिराक में थे, लेकिन सतर्क पुलिस टीम ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ में एक बदमाश के पैर में गोली लगी है, जबकि उसके दूसरे साथी को भी मौके पर ही काबू कर लिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अछनेरा पुलिस इन दिनों इलाके में हुई गोवंश चोरी की घटनाओं के खुलासे के लिए सघन तलाशी अभियान चला रही थी। इसी अभियान के तहत 26 और 27 मई 2026 की रात लगभग एक बजे पुलिस टीम सांधन तिराहे के निकट वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी बीच गल्ला मंडी की दिशा से दो संदिग्ध युवक बाइक पर आते दिखाई दिए। पुलिस ने जब उन्हें रुकने का संकेत दिया, तो भागने के बजाय बदमाशों ने पुलिस दल पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी।
अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई, लेकिन पुलिस टीम ने धैर्य और साहस का परिचय देते हुए तुरंत मोर्चा संभाला। आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी फायरिंग में एक बदमाश के पैर में गोली लग गई, जिससे वह मौके पर ही गिर पड़ा। घायल बदमाश की पहचान निजामुद्दीन उर्फ नुईया पुत्र हुकूमुदीन के तौर पर हुई है। वहीं, उसके साथी रिहान पुत्र अबरार को पुलिस ने घेराबंदी कर धर दबोचा।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से एक 315 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा बरामद किया है। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने गोवंश चोरी की घटना में अपनी संलिप्तता कबूल कर ली है। घायल बदमाश निजामुद्दीन को तुरंत प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहाँ वह पुलिस की कड़ी सुरक्षा में उपचाराधीन है। घटना की सूचना मिलते ही फील्ड यूनिट भी मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया पूरी की।
सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) अछनेरा, शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि पुलिस टीम घटना के बाद से ही आरोपियों की तलाश में जुटी थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरोपियों का विस्तृत आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है और अन्य मामलों में भी उनकी भूमिका की गहनता से जांच की जा रही है। अछनेरा पुलिस ने बरामद असलहों को कब्जे में लेकर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है और दोनों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।


