आगरा: ताजनगरी के सामाजिक और बौद्धिक जगत के लिए शनिवार का दिन एक अपूर्णीय क्षति लेकर आया। शहर के ज्वलंत मुद्दों पर मुखर रहने वाले सिविल सोसाइटी ऑफ आगरा के सचिव अनिल शर्मा का शनिवार पूर्वाह्न अचानक हृदयाघात (हार्ट अटैक) से निधन हो गया। मोती लाल नेहरू रोड स्थित अपने निवास से किसी कार्य हेतु निकले अनिल शर्मा को रास्ते में ही नियति ने अपने आगोश में ले लिया। उनके इस तरह अचानक चले जाने से पूरे शहर के समाजसेवी और प्रबुद्ध वर्ग में गहरा शोक व्याप्त है।
अचानक बिगड़ी तबीयत, श्रीराम अस्पताल में तोड़ा दम
जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह लगभग सवा 11 बजे जब अनिल शर्मा घटिया आजम खां चौराहे के पास से गुजर रहे थे, तभी उन्हें सीने में तेज दर्द महसूस हुआ और वे सड़क पर ही गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उनके परिचितों को सूचित किया। सिविल सोसाइटी के अध्यक्ष एवं पूर्व पार्षद शिरोमणि सिंह सूचना मिलते ही मौके पर पहुँचे और उन्हें आनन-फानन में श्रीराम अस्पताल ले जाया गया।हालांकि, चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अधूरा रह गया ‘भदावर जनपद’ का संकल्प
नियति का क्रूर मजाक देखिए कि अनिल शर्मा आज ही एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले थे। उनके पास उस समय प्रेस नोट और जरूरी दस्तावेज भी थे। वे आगरा जनपद के विभाजन के कड़े विरोधी थे, लेकिन उनका यह भी मानना था कि यदि प्रशासनिक कारणों से बाह को जिला बनाया जाए, तो उसका नाम ‘भदावर जनपद’ रखा जाना चाहिए ताकि इस क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान मिल सके। अफसोस कि इस विचार को आधिकारिक रूप से रखने से पहले ही उनकी आवाज खामोश हो गई।
अनुभव और समाजसेवा का अनूठा संगम
अनिल शर्मा का व्यक्तित्व बहुआयामी था। उन्होंने लंबे समय तक विख्यात अरविंद मिल्स में उच्च पदों पर सेवाएं दी थीं और विदेश में भी कार्य का अनुभव रखते थे। अपनी सेवानिवृत्ति के बाद वे पूरी तरह सामाजिक गतिविधियों में रम गए थे। वरिष्ठ पत्रकार राजीव सक्सेना और शिरोमणि सिंह के साथ मिलकर वे आगरा के गिरते भूजल स्तर को सुधारने के लिए तेरहमोरी बांध को पुनर्जीवित करने और उटंगन नदी पर रिहावली बांध के निर्माण के लिए लगातार संघर्ष कर रहे थे।
साथियों ने दी अश्रुपूरित विदाई
उनके निधन की खबर फैलते ही शहर के समाजसेवियों का तांता लग गया। सिविल सोसाइटी के अध्यक्ष शिरोमणि सिंह और वरिष्ठ पत्रकार राजीव सक्सेना ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि, “अनिल जी केवल एक साथी नहीं, बल्कि आगरा के हितों के लिए लड़ने वाले एक योद्धा थे। उनका जाना एक ऐसा शून्य पैदा कर गया है जिसे भरना नामुमकिन है।”
आगरा ने आज एक ऐसा व्यक्तित्व खो दिया है जो न केवल समस्याओं को पहचानता था, बल्कि उनके समाधान के लिए अंतिम सांस तक प्रयासरत रहता था।
ताज प्रेस क्लब ने अनिल शर्मा के निधन पर जताया गहरा शोक
शहर के जाने-माने समाजसेवी और सिविल सोसाइटी ऑफ आगरा के सचिव अनिल शर्मा के असामयिक निधन से पत्रकार जगत में भी शोक की लहर है। ताज प्रेस क्लब के बैनर तले शहर के वरिष्ठ पत्रकारों और क्लब के पदाधिकारियों ने उन्हें अपनी भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
शोक व्यक्त करने वालों में मुख्य रूप से अध्यक्ष मनोज मिश्रा, महासचिव विवेक जैन, उपाध्यक्ष अजेंद्र चौहान, सज्जन सागर, आदर्श नंदन, सचिव आलोक द्विवेदी, पीयूष शर्मा, अनिल राणा, कोषाध्यक्ष धीरज शर्मा शामिल रहे।
इसके साथ ही कार्यकारिणी सदस्य शीतल सिंह माया, फरहान खान, अरुण रावत, मनीष जैन, राजेश शर्मा, राजेश दुबे, वीरेन्द्र ईमल, जय सिंह, एस पी सिंह, जगत नारायण शर्मा और शरद शर्मा ने भी उनके निधन को आगरा के सामाजिक और बौद्धिक क्षेत्र के लिए एक अपूर्णीय क्षति बताया।
ताज प्रेस क्लब के अध्यक्ष मनोज मिश्रा ने कहा कि अनिल शर्मा हमेशा जनहित के मुद्दों पर पत्रकारों के साथ समन्वय बनाकर काम करते थे और शहर के विकास के लिए उनके सुझाव हमेशा प्रेरणादायी रहेंगे।

