आगरा: कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला टास्क फोर्स और जिला पोषण समिति की अहम बैठकों में जिलाधिकारी मनीष बंसल ने प्रशासनिक कामकाज की नब्ज टटोली, तो ढिलाई की एक लंबी फेहरिस्त सामने आई। डीएम मनीष बंसल ने बेसिक शिक्षा और आंगनबाड़ी सेवाओं में बरती जा रही लापरवाही पर अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने साफ कर दिया है कि बच्चों के भविष्य और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शिक्षा विभाग में नामांकन को लेकर डीएम सख्त
समीक्षा के दौरान नगर क्षेत्र, बरौली अहीर और फतेहाबाद ब्लॉकों में विद्यार्थियों के कम नामांकन को लेकर डीएम ने बीईओ की खिंचाई की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अगले 48 घंटों के भीतर नामांकन का लक्ष्य पूरा किया जाए और इसकी अपडेटेड रिपोर्ट पेश की जाए। बैठक में ड्रॉपआउट बच्चों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा।
जनपद में चिह्नित किए गए 338 बच्चों में से 335 को अविलंब स्कूल से जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया है। साथ ही, निपुण भारत मिशन की रफ्तार तेज करने के लिए एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) को फील्ड में ज्यादा सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं।
आरटीई और पुस्तकों की उपलब्धता पर निर्देश
आरटीई के अंतर्गत हुए दाखिलों की स्थिति पर चर्चा करते हुए डीएम ने पाया कि अब भी 1,359 बच्चों का प्रवेश शेष है। कुल 8,112 आवंटित सीटों के मुकाबले 6,753 बच्चों ने ही दाखिला लिया है। उन्होंने शेष बच्चों के प्रवेश को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, सभी बीईओ को स्कूलों का व्यक्तिगत निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि हर बच्चे के हाथ में पाठ्य-पुस्तकें मौजूद हों। मुख्यमंत्री अभ्युदय और मॉडल कंपोजिट विद्यालयों के निर्माण और सुविधाओं की गुणवत्ता पर भी डीएम ने विशेष जोर दिया।
पोषण समिति: वजन में हेरफेर पर कार्रवाई की तैयारी
जिला पोषण समिति की बैठक में जिलाधिकारी का गुस्सा तब फूट पड़ा जब उन्होंने कुपोषित बच्चों के वजन दर्ज करने में गड़बड़ी देखी। पिछले आंकड़ों में 23 बच्चों का वजन गलत पाए जाने को उन्होंने गंभीर चूक माना। उन्होंने रैंडम चेकिंग के निर्देश दिए और दोषी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा।
वहीं, जिले में रिक्त पड़े 386 आंगनबाड़ी पदों पर भर्ती प्रक्रिया में देरी पर भी डीएम ने नाराजगी जताई और तत्काल भर्ती शुरू करने के आदेश दिए।
डीपीओ पर गिरी गाज, निलंबन की चेतावनी
जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) की कार्यशैली पर डीएम ने तीखा असंतोष व्यक्त किया। बैठक में पूछे गए सवालों का संतोषजनक जवाब न मिलने के कारण जिलाधिकारी ने विभाग के प्रमुख सचिव और निदेशक को पूरी स्थिति से अवगत कराने के निर्देश दिए हैं।
डीएम ने डीपीओ को शो-कॉज नोटिस जारी करने के साथ ही चेतावनी दी कि यदि कामकाज में तत्काल सुधार नहीं आया, तो निलंबन की कार्रवाई तय है।
इसके अलावा, पोषण वाटिकाओं के संयुक्त निरीक्षण, मातृ वंदना योजना के पंजीकरण और आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माणाधीन भवनों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।


