राजधानी लखनऊ के पारा क्षेत्र में स्थित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय की छात्राओं ने सोमवार की सुबह विद्यालय में फैली गंभीर अव्यवस्थाओं के खिलाफ जमकर मोर्चा खोल दिया। शिक्षकों की भारी कमी, मेस में मिलने वाले खाने की बेहद खराब गुणवत्ता और अन्य बुनियादी समस्याओं से त्रस्त होकर छात्राएं अचानक परिसर से बाहर निकल आईं और सीधे दुबग्गा-कानपुर बाईपास चौराहे पर जा पहुंचीं। इस दौरान हो रही झमाझम बारिश की परवाह किए बिना छात्राओं ने सड़क पर बैठकर इन तमाम समस्याओं के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिसके चलते कुछ समय के लिए वहां यातायात व्यवस्था भी पूरी तरह प्रभावित रही।
छात्राओं के गंभीर आरोप और मांगें
प्रदर्शन कर रही छात्राओं का मुख्य आरोप यह है कि विद्यालय में लंबे समय से शिक्षकों के कई पद रिक्त पड़े हुए हैं, लेकिन प्रशासनिक सुस्ती के कारण उन पदों को भरा नहीं जा रहा है, जिसका सीधा और बुरा असर उनकी पढ़ाई पर पड़ रहा है। इसके अलावा, उन्होंने विद्यालय के मेस के खाने पर भी गंभीर सवाल उठाए। छात्राओं का कहना है कि परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता इतनी खराब है कि आए दिन कोई न कोई छात्रा बीमार पड़ जाती है।
उनका यह भी कहना है कि इन तमाम समस्याओं को लेकर उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन प्रशासन की ओर से इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया और न ही कोई ठोस कदम उठाया गया।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की दौड़-भाग
छात्राओं के अचानक सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने की खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस की एक भारी टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को समझा-बुझाकर धरना समाप्त करने का काफी प्रयास किया, लेकिन छात्राएं अपनी मांगों पर अड़ी रहीं। छात्राएं मौके पर सीधे जिलाधिकारी को बुलाने और अपनी सभी समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग पर अड़ी हुई थीं।
वरिष्ठ अधिकारियों के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ प्रदर्शन
बारिश के बीच सड़क पर डटी रहीं छात्राओं को मनाने के लिए अंततः समाज कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव और सदर एसडीएम साहिल कुमार सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने वहां पहुंचकर सीधे छात्राओं से बातचीत की, उनकी एक-एक समस्या को बेहद गंभीरता से सुना और जल्द से जल्द उनका त्वरित समाधान कराने का ठोस भरोसा दिलाया। अधिकारियों के इस आश्वासन के बाद जाकर छात्राएं शांत हुईं और विद्यालय वापस लौटने के लिए सहमत हुईं, जिसके बाद स्थिति सामान्य हो सकी।

