आगरा: भारतीय जनता पार्टी ने मिशन 2027 और आगामी संगठनात्मक चुनौतियों को देखते हुए अपनी आगरा महानगर कार्यकारिणी की बहुप्रतीक्षित घोषणा कर दी है। देर रात जारी हुई इस सूची में पार्टी ने सामाजिक समीकरणों और युवा ऊर्जा का मेल बिठाने की कोशिश की है। नई टीम में 8 उपाध्यक्ष, 3 महामंत्री, 8 मंत्री और 1 कोषाध्यक्ष सहित कुल 69 कार्यकारिणी सदस्यों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
महामंत्री और उपाध्यक्ष पदों पर इन चेहरों का कब्जा
संगठनात्मक रूप से सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाले महामंत्री पद पर हेमंत भोजवानी, महेश शर्मा और नितेश शिवहरे को नियुक्त किया गया है। वहीं, उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दीपू जादौन, नवीन गौतम, राहुल सागर, मनमोहन कुशवाह, निधि शर्मा, अनीता खरे, राजू परमार और मानवीर चौहान को दी गई है। इन नियुक्तियों में सवर्ण, ओबीसी और दलित समीकरणों को साधने की स्पष्ट झलक मिल रही है।
मंत्री और कोषाध्यक्ष की नई टीम
पार्टी ने अतुल गर्ग को कोषाध्यक्ष की अहम जिम्मेदारी दी है। वहीं, मंत्री पद पर करुणानिधि, अनिल सारवत, विकास भारद्वाज, नेहा गुप्ता, अंजू गर्ग, मुकेश गुप्ता, माधुरी माहौर और अंकित शर्मा को जगह मिली है। इस सूची के जरिए भाजपा ने महिलाओं और युवाओं को भी संगठन की मुख्यधारा में जोड़ने का प्रयास किया है।
संतुलन की कोशिश या असंतोष का डर?
इस नई कार्यकारिणी की सबसे अधिक चर्चा 69 सदस्यों की लंबी सूची को लेकर हो रही है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कई कद्दावर नेता जो उपाध्यक्ष या महामंत्री जैसे पदों की उम्मीद लगाए बैठे थे, उन्हें केवल कार्यकारिणी सदस्य बनाकर ‘एडजस्ट’ किया गया है।
सूत्रों का मानना है कि वरिष्ठों को अपेक्षित पद न मिलने से भीतरखाने असंतोष की स्थिति बन सकती है, जिसे साधना पार्टी नेतृत्व के लिए बड़ी चुनौती होगी।
चुनावी मोड में संगठन
जानकारों के मुताबिक, यह कार्यकारिणी केवल नामों की घोषणा नहीं बल्कि आगरा शहर के शहरी मतदाताओं और बूथ स्तर तक पकड़ मजबूत करने की एक सोची-समझी रणनीति है। अब देखना यह होगा कि यह नई टीम धरातल पर कितनी सक्रिय रहती है और असंतुष्ट खेमे को पार्टी किस तरह साथ लेकर चलती है।

