आगरा में अंसल हाउसिंग पर प्रशासन की बड़ी स्ट्राइक: 1.67 करोड़ के स्टांप बकाये में दफ्तर सील, करोड़ों की जमीन कुर्क

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आगरा: ताजनगरी में सरकारी राजस्व की वसूली को लेकर प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है। ताजगंज क्षेत्र में स्थित अंसल हाउसिंग एंड कंस्ट्रक्शन लिमिटेड की करोड़ों रुपये की संपत्ति को स्टांप शुल्क बकाया मामले में कुर्क कर दिया गया है। एसडीएम सदर के नेतृत्व में राजस्व टीम ने कार्रवाई करते हुए कंपनी के बगदा स्थित कार्यालय को पूरी तरह सील कर दिया है।

2006 का मामला: ब्याज ने बढ़ाई बकाये की राशि

यह पूरा मामला दो दशक पुराना है। जानकारी के अनुसार, अंसल हाउसिंग ने वर्ष 2006 में ताजगंज के बगदा क्षेत्र में लगभग तीन बीघा जमीन खरीदी थी। उस समय जमीन की रजिस्ट्री में स्टांप शुल्क की चोरी पकड़ी गई थी, जिसके बाद 24.88 लाख रुपये का बकाया निकाला गया था। लंबे समय तक भुगतान न करने के कारण इस राशि पर भारी ब्याज लगता गया और आज यह आंकड़ा बढ़कर 1.67 करोड़ रुपये तक पहुँच गया है।

एसडीएम सदर के निर्देश पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’

​बकाया वसूली के लिए एसडीएम सदर सचिन राजपूत के सख्त रुख के बाद 20 अप्रैल 2026 को कुर्की का आदेश जारी हुआ था। बुधवार को नायब तहसीलदार अनिल चौधरी की अगुवाई में राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर धावा बोला। टीम ने न केवल संपत्ति को कुर्क किया, बल्कि कार्यालय पर सरकारी ताला लगाकर कुर्की का नोटिस चस्पा कर दिया।

​बकायेदारों को कड़ा संदेश

प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी खजाने को चूना लगाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई आगरा के अन्य बड़े बकायेदारों के लिए एक चेतावनी है। राजस्व विभाग अब उन कंपनियों और व्यक्तियों की सूची तैयार कर रहा है जिन्होंने वर्षों से स्टांप शुल्क या अन्य टैक्स जमा नहीं किए हैं।

​क्षेत्र में मची खलबली

अंसल हाउसिंग जैसी बड़ी कंपनी पर हुई इस कार्रवाई के बाद प्रॉपर्टी बाजार और निवेशकों के बीच खलबली मच गई है। प्रशासन की इस ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति से साफ है कि आने वाले दिनों में कई और बड़ी संपत्तियों पर सरकारी सील लग सकती है।