मुंबई (अनिल बेदाग)। भारतीय कृषि व्यवस्था को आधुनिक तकनीकों, उन्नत अवसंरचना और आत्मनिर्भरता के साथ एकीकृत करने के दूरदर्शी विजन पर एक वृहद स्तर पर कार्य प्रारंभ हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा समूचे देश में 12 ‘हॉर्टीकल्चर क्लस्टर्स’ के विभिन्न कार्यों का शुभारंभ किया जाना महज कृषि विकास से जुड़ी एक घोषणा भर नहीं है, अपितु यह देश के अन्नदाताओं की आर्थिक स्थिति में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इसी महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत महाराष्ट्र का नासिक जिला अब बागवानी (हॉर्टीकल्चर) विकास के एक प्रमुख और आधुनिक केंद्र के रूप में उभरने जा रहा है। यहाँ ‘प्राइम फ्रेश लिमिटेड’ को ‘नासिक पेरी-अर्बन वेजिटेबल क्लस्टर’ परियोजना के पूर्ण क्रियान्वयन एवं प्रबंधन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
लगभग ₹124 करोड़ के कुल प्रस्तावित वित्तीय निवेश के साथ आकार लेने वाला यह विशाल प्रोजेक्ट पारंपरिक खेती के ढर्रे में व्यापक सुधार लाते हुए उसे आधुनिक कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर से पूरी तरह जोड़ेगा। इस बहुआयामी परियोजना के तहत अत्याधुनिक संग्रह केंद्र (कलेक्शन सेंटर), एकीकृत पैकहाउस, 6,000 मीट्रिक टन की विशाल क्षमता वाला कोल्ड स्टोरेज, 3,000 मीट्रिक टन क्षमता का फ्रोजन स्टोरेज तथा विश्वस्तरीय प्रोसेसिंग सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त, कृषि उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए डिजिटल ट्रैसेबिलिटी, सख्त गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली और किसानों के तकनीकी प्रशिक्षण पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
11,000 किसानों और 10,000 हेक्टेयर क्षेत्र को सशक्त बनाने का ध्येय
इस क्रांतिकारी पहल का मुख्य ध्येय क्षेत्र के लगभग 11,000 किसानों को आर्थिक व तकनीकी रूप से सशक्त बनाना तथा 10,000 हेक्टेयर कृषि योग्य क्षेत्र में आधुनिक बागवानी प्रबंधन को बढ़ावा देना है। सुदृढ़ शीत भंडारण (कोल्ड-चेन) और सीधे बाजार संपर्क स्थापित होने से कटाई के उपरांत होने वाली सब्जियों की भारी बर्बादी में बड़ी कमी आएगी, जिसके फलस्वरूप स्थानीय किसानों को उनकी उपज का बेहतर व प्रतिस्पर्धी मूल्य प्राप्त हो सकेगा।
इस परियोजना के विषय में अपने विचार रखते हुए प्राइम फ्रेश लिमिटेड के होल-टाइम डायरेक्टर हिरेन गेलाणी ने कहा, “नासिक पेरी-अर्बन वेजिटेबल क्लस्टर परियोजना की जिम्मेदारी मिलना हमारे संस्थान के लिए एक अत्यंत गौरवपूर्ण उपलब्धि है। नवीनतम कृषि तकनीक, मजबूत कोल्ड-चेन नेटवर्क और किसानों को सीधे बाजार से जोड़ने की व्यवस्था के माध्यम से हम अन्नदाताओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा फसलों के नुकसान को न्यूनतम करने के प्रति पूरी तरह से वचनबद्ध हैं।”
निस्संदेह, यह महत्वाकांक्षी परियोजना नासिक के कृषि परिदृश्य को एक नई वैश्विक पहचान देने के साथ-साथ क्षेत्र के हजारों किसानों के लिए समृद्ध भविष्य, नए अवसर और मजबूत बाजार व्यवस्था की एक सुदृढ़ नींव रखेगी।

