​”क्या रह गया है बोलने को…”: मीडिया के सवाल पर छलका आजम खान का दर्द, ईडी पेशी के दौरान दिखे बेहद मायूस

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गाजियाबाद। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान की कानूनी मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। रविवार को गाजियाबाद की विशेष PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) अदालत से उन्हें कोई राहत नहीं मिली। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का फैसला सुनाया। कोर्ट के इस आदेश के पश्चात उन्हें सीधे गाजियाबाद की डासना जेल स्थानांतरित किया जा रहा है।

​प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम रविवार सुबह करीब 10:30 बजे आजम खान को लेकर अदालत परिसर पहुँची। इस दौरान गाजियाबाद कोर्ट परिसर में सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे। ईडी अधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और उत्तर प्रदेश पुलिस के लगभग 100 से अधिक जवान मुस्तैद रहे। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद न्यायाधीश ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजने का निर्देश जारी कर दिया।

उल्लेखनीय है कि शनिवार शाम को रामपुर जेल से रिहा होते ही ईडी की टीम ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उन्हें तुरंत अपनी हिरासत में ले लिया था।

​मीडिया के सवालों पर छलका आजम का दर्द

रविवार सुबह जब ईडी की टीम भारी सुरक्षा घेरे के बीच आजम खान को विशेष PMLA कोर्ट लेकर पहुँची, तो वह काफी शांत और मायूस नज़र आए। कार में बैठे आजम खान केवल खामोशी से बाहर खड़े लोगों को निहारते रहे। जब उन्होंने गाड़ी की खिड़की का शीशा नीचे किया, तो वहां मौजूद पत्रकारों ने उनसे प्रतिक्रिया मांगते हुए पूछा कि क्या वह कुछ कहना चाहेंगे? इस पर आजम खान ने बेहद टूटे हुए और मायूस भरे स्वर में सिर्फ इतना कहा— “क्या रह गया है बोलने को।”

​दिल्ली ED मुख्यालय में रातभर हुई 50 से ज्यादा सवालों की बौछार

​शनिवार शाम रामपुर से हिरासत में लिए जाने के बाद ईडी की टीम आजम खान को सीधे दिल्ली स्थित अपने केंद्रीय मुख्यालय लेकर गई थी। उन्हें पूरी रात ईडी दफ्तर में ही रखा गया। सूत्रों के अनुसार, जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन को लेकर केंद्रीय जांच अधिकारियों ने उनसे लंबी पूछताछ की। इस दौरान अधिकारियों ने उनसे 50 से भी अधिक तीखे सवाल पूछे, जिसके बाद रविवार सुबह उन्हें गाजियाबाद कोर्ट में पेश किया गया।