नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने रामपुर जेल से बाहर आते ही बेहद नाटकीय घटनाक्रम के बीच गिरफ्तार कर लिया था। इसके पश्चात, रविवार को ईडी की टीम कड़ी सुरक्षा के बीच आजम खान को गाजियाबाद स्थित विशेष पीएमएलए (PMLA) कोर्ट में पेश करने के लिए लेकर पहुँची। अदालत ने सुनवाई के बाद उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया है।
उल्लेखनीय है कि शनिवार को ही वह अपने बेटे अब्दुल्ला खान के साथ जेल की सलाखों से बाहर आए थे, तभी पहले से मुस्तैद ईडी ने उन्हें अपनी हिरासत में ले लिया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आजम खान के जौहर ट्रस्ट के विरुद्ध वर्ष 2019 में दर्ज कराई गई एक शिकायत के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था, जिसके बाद से लगातार जांच का सिलसिला जारी रहा। इस दौरान केंद्रीय एजेंसी ने जौहर ट्रस्ट के तमाम पदाधिकारियों और आजम खान के करीबी लोगों से लंबी पूछताछ भी की थी।
494 करोड़ रुपये के हिसाब-किताब को लेकर बढ़ी मुश्किलें
बीती 13 अक्तूबर को रामपुर जिला जेल के भीतर आकर प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने खुद आजम खान से आमने-सामने पूछताछ की थी। इस दौरान करोड़ों रुपए की हेराफेरी और घपलेबाजी की जांच में यह गंभीर तथ्य सामने आया था कि संस्थान के पास करीब 494 करोड़ रुपए का कोई सटीक हिसाब-किताब ही उपलब्ध नहीं है। इसी बड़े वित्तीय अनियमितता के खुलासे के बाद ईडी ने आजम खान और उनके जौहर ट्रस्ट के खिलाफ भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग का पुख्ता मामला दर्ज किया था।
शनिवार को जैसे ही आजम खान रामपुर जेल से कानूनी रूप से रिहा हुए, ईडी के अधिकारियों ने फौरन उन्हें अपनी कस्टडी में ले लिया और अपने साथ रवाना हो गए। नियमानुसार उन्हें रविवार को गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अदालत की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें फिलहाल गाजियाबाद या आसपास की डासना जेल में रखा जा सकता है।

