आगरा नगर निगम में हाजिरी के नए आदेश पर विवाद: सुपरवाइजरों ने कहा, एक दिन की अनुपस्थिति पर माह का वेतन काटना गलत

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आगरा: सेनेटरी सुपरवाइजर संघ ने अपने संगठन का विस्तार करते हुए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। यह बैठक 2 जुलाई 2026 को एम.जी. रोड स्थित भगवान वाल्मीकि मंदिर में संपन्न हुई। इस दौरान संघ के विभिन्न प्रकोष्ठों के लिए नई नियुक्तियां की गईं और कर्मचारियों के हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।

​नए पदाधिकारियों का चयन

बैठक में संगठन को अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए दो वरिष्ठ उपाध्यक्षों का चयन किया गया। सूरज पहलवान को ‘स्थाई प्रकोष्ठ’ का वरिष्ठ उपाध्यक्ष और आजाद सिंह को ‘आउटसोर्सिंग प्रकोष्ठ’ का वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया। दोनों नवनियुक्त पदाधिकारियों ने संगठन को विस्तार देने और उसे मजबूती प्रदान करने का संकल्प लिया।

​वेतन कटौती के आदेश पर जताई आपत्ति

बैठक में संविदा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष चौधरी संतोष डागोर और आउटसोर्सिंग प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सुनील पारस ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव वर्मा द्वारा जारी हालिया आदेशों पर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि सुबह जूम मीटिंग में हाजिरी न लगाने पर किसी कर्मचारी की एक दिन की अनुपस्थिति के बदले उसका पूरे माह का वेतन रोकने का आदेश सरासर अनुचित और शोषणकारी है। संघ ने निर्णय लिया है कि इस अन्यायपूर्ण आदेश को वापस कराने के लिए वे नगर स्वास्थ्य अधिकारी से वार्ता करेंगे।

​शोषण के खिलाफ जारी रहेगा संघर्ष

संघ के संस्थापक राजकुमार विद्यार्थी ने जोर देते हुए कहा कि संगठन का विस्तार निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक वरिष्ठ सुपरवाइजरों और साथियों को संगठन से जोड़ा जाएगा ताकि नगर निगम में सफाई कर्मचारियों और सुपरवाइजरों के साथ हो रहे शोषण पर पूर्णतः लगाम लगाई जा सके।

​मीटिंग में इनकी रही उपस्थिति

इस महत्वपूर्ण बैठक में सूरज पहलवान, राजकुमार विद्यार्थी, चौधरी संतोष डागोर, सुनील पारस, दीपक झगारे, पवन कुमार, राजेश चौहान, नवीन चंचल, कुलदीप गौहर, अरुण नरवार, संजय लहरी, बॉबी वाल्मीकि समेत संघ के कई अन्य सुपरवाइजर उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कर्मचारियों के सम्मान और न्याय के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही।