लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित ‘9वें उत्तर प्रदेश आम महोत्सव’ का भव्य उद्घाटन किया। इस महोत्सव में प्रदेश भर के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों से आई आम की 800 से अधिक अनूठी किस्में प्रदर्शित की गई हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और आम उत्पादकों से विभिन्न किस्मों की विशेषताओं की जानकारी ली।
वैश्विक मंच पर उत्तर प्रदेश के आम
मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ बताया कि उत्तर प्रदेश देश में आम उत्पादन में अग्रणी राज्य है और कुल राष्ट्रीय उत्पादन में प्रदेश का योगदान 26 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि यूपी के आमों की मांग अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रही है। आज मलिहाबादी दशहरी, वाराणसी का लंगड़ा, रटौल और गौरजीत जैसे आम यूके, यूएई, सिंगापुर, मलेशिया, कुवैत, बेल्जियम, जापान, इटली, कतर और रूस जैसे देशों में निर्यात किए जा रहे हैं।
मलिहाबादी दशहरी को मिली वैश्विक पहचान
महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘GI टैग’ का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मलिहाबादी दशहरी आम को अब GI टैग प्राप्त हो गया है, जिससे यह न केवल एक स्थानीय फल रहा, बल्कि एक वैश्विक ब्रांड बन गया है। इसके साथ ही, उन्होंने काकोरी के अमर शहीदों की स्मृति को जीवंत रखने के लिए मलिहाबादी दशहरी को ‘काकोरी ब्रांड’ के रूप में नई पहचान देने का भी ऐलान किया।
आधुनिक तकनीक और बेहतर सुविधाएं
किसानों की आय बढ़ाने और आम की गुणवत्ता सुधारने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा सहारनपुर, लखनऊ, अमरोहा और वाराणसी में आम के आधुनिक पैक हाउस स्थापित किए गए हैं, जहाँ आम की ग्रेडिंग, सॉर्टिंग और पैकिंग का कार्य अंतरराष्ट्रीय मानकों पर हो रहा है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास एक एकीकृत फ्रूट टेस्टिंग एंड ट्रीटमेंट पार्क का निर्माण किया जा रहा है। प्रदेश में आम की गुणवत्ता और चमक बढ़ाने के लिए ‘फ्रूट कवर बैग तकनीक’ को बढ़ावा दिया जा रहा है।
अन्नदाताओं के लिए सशक्त मंच
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महोत्सव किसानों और आम उत्पादकों के लिए एक ‘बायर-सेलर्स मीट’ जैसा मंच प्रदान करता है, जहाँ वे अपने उत्पादों को सीधे बड़े खरीदारों तक पहुँचा सकते हैं। यह आयोजन न केवल किसानों की आर्थिक समृद्धि का द्वार खोलेगा, बल्कि प्रदेश की कृषि-संस्कृति को नई ऊंचाई पर ले जाएगा।


