आगरा: बुधवार का दिन आगरा के जैन समाज के लिए भक्ति और आस्था का एक ऐतिहासिक दिन बन गया। आगरा दिगम्बर जैन परिषद के तत्वावधान में जयपुर हाउस से हरीपर्वत स्थित श्री शान्तिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर तक आचार्य श्री इन्द्रनंदी जी महाराज, गणिनी शिरोमणि आर्यिका 105 श्री विशुद्धमति माताजी और आर्यिका 105 श्री विज्ञमति माताजी ससंघ का भव्य मंगल प्रवेश संपन्न हुआ।
भक्तिमय रही शोभायात्रा
शोभायात्रा का दृश्य बेहद विहंगम था। यात्रा में सबसे आगे सेक्टर-7 स्थित शान्तिनाथ पाठशाला के बच्चे हाथ में जैन ध्वज लिए चल रहे थे, वहीं बैंड-बाजों की मधुर धुनों पर महिलाएं भजनों पर झूमती नजर आईं। छीपीटोला की पाठशाला के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने भी ढोल-नगाड़ों के साथ संतों की अगवानी की। मार्ग में अनेक स्थानों पर श्रद्धालुओं ने संतों के पाद प्रक्षालन किए और उन पर पुष्पवर्षा कर अपना सौभाग्य माना।
शान्ति सभागार में धर्मोत्सव
हरीपर्वत स्थित श्री शान्ति सभागार में आयोजित धर्मसभा किसी भव्य मंदिर उत्सव जैसी प्रतीत हो रही थी। मंगलाचरण के साथ शुरू हुए कार्यक्रम में प्रज्ञा पद्मनी आर्यिका 105 श्री विज्ञमति माताजी ने भगवान महावीर और गौतम स्वामी के प्रसंगों के माध्यम से संयम और धर्म के मार्ग का विस्तार से वर्णन किया। इसके बाद आचार्य श्री इन्द्रनंदी जी महाराज ने अपने मंगल प्रवचनों से श्रद्धालुओं को आत्मचिंतन और सदाचार की प्रेरणा दी।
विभिन्न जिलों से जुटे श्रद्धालु
इस धार्मिक आयोजन में आगरा के अलावा शिकोहाबाद, एटा, फिरोजाबाद, हाथरस और अलीगढ़ सहित पूरे क्षेत्र से हजारों जैन धर्मावलंबी सम्मिलित हुए। कार्यक्रम का कुशल संचालन मनोज कुमार जैन ‘बांकलीवाल’ ने किया। पाद प्रक्षालन का सौभाग्य श्रीमती पूजा जैन एवं अनंत जैन को प्राप्त हुआ। इस दौरान परिषद के संरक्षक हीरालाल बैनाड़ा, अध्यक्ष जगदीश प्रसाद जैन, विमल जैन, राकेश जैन, आशीष जैन ‘मोनू’ समेत समाज के अनेक गणमान्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कल फिर मिलेंगे संत
मीडिया प्रभारी राहुल जैन ने जानकारी दी कि संतों का यह समागम जारी रहेगा। 4 जून 2026 को प्रातः 8:30 बजे से आचार्य शांति सागर सभागार, हरीपर्वत में मुनि संघ एवं आर्यिका संघ के विशेष प्रवचन होंगे, जिसमें अधिक से अधिक श्रद्धालुओं के शामिल होने का आग्रह किया गया है।


