लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को लेकर दिए गए एक बेहद विवादित बयान के बाद कांग्रेस सांसद व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी चौतरफा घिर गए हैं। राहुल गांधी के इस तीखे हमले के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खेमे में भारी उबाल है और पार्टी के दिग्गज नेता लगातार उन पर पलटवार कर रहे हैं। इसी कड़ी में अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मोर्चा संभालते हुए राहुल गांधी पर सीधा और करारा हमला बोला है। सीएम योगी ने कांग्रेस नेता के बयान को घोर आपत्तिजनक बताते हुए दोटूक कहा है कि ‘कांग्रेस के युवराज’ को अपनी इस घिनौनी टिप्पणी के लिए पूरे देश से हाथ जोड़कर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
सीएम योगी का ‘एक्स’ पर करारा प्रहार: बताया कुंठाजनित सोच
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ (ट्विटर) पर एक तीखी पोस्ट साझा करते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने लिखा, “विभाजनकारी और तुष्टीकरण की राजनीति की जननी कांग्रेस के ‘युवराज’ की अमर्यादित टिप्पणी उनकी नकारात्मक राजनीति, असंयमित सोच और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनके गहरे अनादर को साफ तौर पर प्रदर्शित करती है।”
सीएम योगी ने आगे लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रति राहुल गांधी द्वारा की गई घोर निंदनीय टिप्पणी केवल नेताओं का विरोध नहीं है, बल्कि यह देश के 145 करोड़ नागरिकों के जनादेश, उनके अटूट विश्वास और भारत के लोकतांत्रिक संस्कारों का सीधा अपमान है।
उन्होंने मांग की कि कांग्रेस के ‘युवराज’ को अपने इस बेहद आपत्तिजनक, असंसदीय और कुंठा से भरे वक्तव्य के लिए समूचे देश के सामने अपनी गलती स्वीकार करनी चाहिए।
आखिर राहुल गांधी ने ऐसा क्या कह दिया? जानिए विवाद की जड़
इस पूरे सियासी संग्राम की शुरुआत कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान से हुई जो उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली के एक कार्यक्रम के दौरान दिया था। मंच से जनता को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने सीधे प्रधानमंत्री और गृहमंत्री पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था, “जब भी बीजेपी और आरएसएस के लोग आपके सामने आएं और नरेंद्र मोदी व अमित शाह की बात करें, तो आप उनसे खुलकर कहिए कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह गद्दार हैं।
बीजेपी-आरएसएस गद्दार हैं, क्योंकि आप लोगों ने मिलकर इस पूरे देश को बेचने का काम किया है। बीजेपी और आरएसएस ने मिलकर बाबा साहब आंबेडकर, महात्मा गांधी, महाबली वीरा पासी जी और देश के संविधान पर हमला किया है।”
राहुल गांधी के इसी ‘गद्दार’ वाले बयान ने उत्तर प्रदेश से लेकर देश की राजनीति में एक नया उबाल ला दिया है। एक तरफ जहां कांग्रेस इस बयान को संविधान बचाने की लड़ाई से जोड़कर सही ठहरा रही है, वहीं दूसरी तरफ भाजपा इसे देश के शीर्ष नेतृत्व और लोकतांत्रिक मर्यादाओं पर सीधा हमला बताकर राहुल गांधी को पूरी तरह से घेरने में जुट गई है। 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले दोनों तरफ से आ रहे ये आक्रामक तेवर सूबे की सियासी तपिश को और बढ़ाने का संकेत दे रहे हैं।


