आगरा में 20 मई को नहीं बंद होगा दवा बाजार: केमिस्ट एसोसिएशन ने किया दुकानें खोलने का ऐलान, तख्तियां लेकर सड़क पर उतरे व्यापारी

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आगरा, 18 मई। ताजनगरी आगरा में आगामी 20 मई 2026 को होने वाली प्रस्तावित दवा बाजार बंदी को लेकर माहौल पूरी तरह गरमा गया है। आगरा महानगर केमिस्ट एसोसिएशन (पंजीकृत) से जुड़े शहर के तमाम थोक और रिटेल दवा व्यापारियों ने इस बंदी का खुलकर विरोध करने का फैसला किया है। एसोसिएशन ने साफ तौर पर ऐलान किया है कि 20 मई (बुधवार) को शहर की सभी दवा दुकानें और मेडिकल प्रतिष्ठान अपने निर्धारित और तय समयानुसार पूरी तरह खुले रहेंगे। इस फैसले को जन-जन तक पहुंचाने के लिए व्यापारियों ने हाथों में “20 तारीख को हम अपनी दुकान खोलेंगे” लिखी तख्तियां लेकर पूरे थोक दवा बाजार में पैदल भ्रमण किया और सभी छोटे-बड़े दवा कारोबारियों को एकजुट होने का संदेश दिया।

​इस दौरान एकजुट हुए दवा व्यापारियों ने दोटूक कहा कि किसी भी संगठन द्वारा एक दिन की थोपी हुई बंदी से न केवल बड़ा आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि इसे कोई भी आम व्यापारी स्वेच्छा से वहन नहीं करना चाहता। उन्होंने जोर देकर कहा कि दवा का व्यापार महज एक व्यवसाय नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर मरीजों की जिंदगी और स्वास्थ्य सेवा से जुड़ा माध्यम है। ऐसे नाजुक वक्त में गंभीर मरीजों को समय पर जीवनरक्षक दवाएं उपलब्ध कराना उनका परम धर्म है, और वे अपने कर्म के साथ-साथ इस मानवीय धर्म का भी पूरी जिम्मेदारी से निर्वहन करेंगे।

बाजार में निकाला गया विशेष जागरूकता अभियान

अपनी मुहिम को मजबूत करने के लिए दवा व्यापारियों ने सोमवार को पूरे बाजार में घूमकर प्रत्येक दुकान-दुकान जाकर विशेष पंपलेट वितरित किए। इन पंपलेटों पर स्पष्ट रूप से “20 मई 2026, बुधवार को हमारा प्रतिष्ठान खुला रहेगा” का संदेश छपा हुआ था। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बंदी के दावों के बीच किसी भी मरीज को दवा की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा और पूरे शहर में दवाओं की आपूर्ति सुचारू रूप से बहाल रखी जाएगी। सभी केमिस्ट 20 मई को दुकानें खोलकर आम जनता की सेवा में तत्पर रहेंगे।

​ड्रग इंस्पेक्टर से डराने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई

बाजार भ्रमण के दौरान व्यापारियों ने एक गंभीर आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा छोटे दुकानदारों को यह कहकर मानसिक रूप से डराया-धमकाया जा रहा है कि यदि उन्होंने 20 मई को अपने प्रतिष्ठान बंद नहीं किए, तो उनके यहां जांच के लिए ड्रग इंस्पेक्टर भेज दिए जाएंगे। इस धमकी पर आगरा महानगर केमिस्ट एसोसिएशन ने कड़ा रुख अख्तियार किया है।

एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष शर्मा ने बताया कि इस गंभीर विषय से ड्रग विभाग के उच्च अधिकारियों को तत्काल अवगत करा दिया गया है। ड्रग विभाग की ओर से एसोसिएशन को यह ठोस आश्वासन मिला है कि दवाएं ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम’ के अंतर्गत आती हैं; लिहाजा यदि किसी भी व्यापारी को दुकान खोलने पर डराया या धमकाया जाता है, तो लिखित शिकायत मिलते ही ऐसे तत्वों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मानवता और सेवा भाव को दी प्राथमिकता

दवा कारोबारियों ने सर्वसम्मति से कहा कि दवा बाजार अचानक बंद होने से सबसे ज्यादा परेशानी और मानसिक प्रताड़ना गंभीर मरीजों व उनके तीमारदारों को झेलनी पड़ती है। इसी मानवता और सेवा भाव को सर्वोपरि रखते हुए उन्होंने स्वेच्छा से बाजार को खुला रखने का यह ऐतिहासिक निर्णय लिया है।

अभियान में ये प्रमुख व्यापारी रहे शामिल

​इस बड़े जागरूकता अभियान और प्रदर्शन के दौरान थोक व खुदरा बाजार के तमाम प्रमुख प्रतिष्ठान एकजुट नजर आए। इनमें मुख्य रूप से अशोक खंडोली फार्मा, सोनू मेडिकल, अल्ताफिया दवा खाना, मनु फार्मा, काशी मेडिकल, गोवर्धन फार्मा, तनेजा मेडिकल, कृष्णा फार्मा, पंजवानी डिस्ट्रीब्यूटर्स, पंडित ब्रदर्स, इंडियन मेडिकल, बांके बिहारी मेडिकल, सर्जिकल सेंटर, अश्वनी मेडिकोज, अलका सर्जिकल, श्री राधे फार्मा, रूबल मेडिकल, डॉक्टर फार्मा, वृंदावन फार्मा, अनुपम केमिस्ट, परिधि एजेंसी, मंगला मेडिको, विमला मेडिकल, अनुपम मेडिकल, शिवपार्वती फार्मा और रिलायंस केमिस्ट सहित सैकड़ों की संख्या में दवा व्यापारी मौजूद रहे। इस पूरी मुहिम का नेतृत्व एसोसिएशन के चेयरमैन संजय चौरसिया, अध्यक्ष आशीष शर्मा और महामंत्री अश्वनी श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से किया।