आगरा: ट्रेनों में सफर के दौरान गहरी नींद सोना अब यात्रियों के लिए महंगा साबित नहीं होगा। आगरा कैंट जीआरपी (GRP) ने रेलवे स्टेशनों और चलती ट्रेनों में सक्रिय एक शातिर अंतर्राज्यीय चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने घेराबंदी कर गिरोह के 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 4.80 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात, नकदी और एक अवैध देसी तमंचा बरामद हुआ है।
प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर मुखबिर ने बिछाया जाल
जीआरपी थाना प्रभारी को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध युवक प्लेटफॉर्म नंबर-1 के आसपास किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे हैं। सूचना मिलते ही जीआरपी की टीम ने सादे कपड़ों में जाल बिछाया और संदिग्धों की पहचान कर उन्हें दबोच लिया। तलाशी लेने पर उनके पास से कीमती आभूषणों के साथ-साथ हथियार और जिंदा कारतूस भी मिले, जिससे यह साफ हो गया कि यह गिरोह केवल चोरी ही नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर लूट से भी पीछे नहीं हटता था।
दिल्ली से आगरा तक फैला था नेटवर्क
पूछताछ में आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि वे एक संगठित गैंग के रूप में काम करते थे। यह गिरोह मुख्य रूप से दिल्ली, मुरादाबाद, अलीगढ़ और आगरा के व्यस्त रेल मार्गों पर सक्रिय था। वे रात के समय सो रहे यात्रियों के कीमती सामान, पर्स और बैग पर हाथ साफ करते थे और वारदात के तुरंत बाद अगले स्टेशन पर उतरकर गायब हो जाते थे।
हिस्ट्रीशीटर निकला गैंग का सरगना
गिरफ्तार किए गए आरोपी दिल्ली, मुरादाबाद और बुलंदशहर के रहने वाले हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, गिरोह का सरगना पुराना अपराधी है और पहले भी कई बार रेल चोरी के मामलों में जेल की हवा खा चुका है। जमानत पर बाहर आते ही उसने फिर से अपना कुनबा तैयार कर लिया और वारदातों को अंजाम देने लगा।
त्योहारी सीजन में रहते थे ज्यादा सक्रिय
पूछताछ में यह भी पता चला कि यह गिरोह त्योहारी सीजन का बेसब्री से इंतजार करता था। ट्रेनों में भीड़ का फायदा उठाकर ये आसानी से यात्रियों के बीच घुल-मिल जाते थे और सुरक्षा की थोड़ी सी भी चूक होते ही अपनी साजिश को अंजाम दे देते थे।
GRP ने कहा कि “आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। हम उनके अन्य संपर्कों और चोरी का माल खरीदने वाले सुनारों की भी तलाश कर रहे हैं। यात्रियों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है और ऐसे गिरोहों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।”

