आगरा में गेल गैस की बड़ी मॉक ड्रिल: पाइपलाइन में रिसाव और आगजनी की स्थिति में परखी गई विभागों की मुस्तैदी

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आगरा, 28 अप्रैल: ताजनगरी के फाउंड्री नगर क्षेत्र में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब गैस रिसाव के साथ भीषण आग लगने की सूचना मिली। आनन-फानन में दमकल की गाड़ियां और एम्बुलेंस की टीमें मौके पर पहुँचीं। अग्निशमन कर्मियों ने मोर्चा संभालते हुए आग पर काबू पाया, वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घायल मरीज को सुरक्षित वाहन में शिफ्ट कर अस्पताल रवाना किया। हालांकि, बाद में स्पष्ट हुआ कि यह कोई वास्तविक हादसा नहीं, बल्कि गेल गैस लिमिटेड (GAIL Gas Limited) द्वारा आयोजित एक ‘ऑफ-साइट मॉक ड्रिल’ थी।

​आपातकालीन तैयारियों का परीक्षण

इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्रों में गैस पाइपलाइन या संयंत्र में रिसाव और आग लगने जैसी गंभीर परिस्थितियों में विभिन्न विभागों के समन्वय और तैयारियों की जांच करना था। ड्रिल के दौरान गैस पाइपलाइन में आगजनी की काल्पनिक स्थिति बनाई गई, जिसमें अग्निशमन विभाग और स्वास्थ्य विभाग ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए बचाव और त्वरित उपचार का सफल प्रदर्शन किया।

​अधिकारियों की मौजूदगी में चला अभियान

सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक चली इस ड्रिल में मुख्य अग्निशमन अधिकारी देवेन्द्र सिंह, अग्निशमन अधिकारी सोमदत्त सोनकर, गेल गैस के प्रबन्धक (अग्नि एवं सुरक्षा) दलजीत सिंह और एंबुलेंस के क्षेत्रीय प्रबंधक विनय गुप्ता सहित कई आला अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार ने भी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।

​क्यों जरूरी है यह ड्रिल?

गौरतलब है कि गेल गैस कंपनी आगरा जिले में लगभग 139 औद्योगिक इकाइयों को गैस की आपूर्ति कर रही है। इसके लिए शहर में करीब 23.5 किलोमीटर स्टील और 8 किलोमीटर एमडीपीई पाइपलाइन का नेटवर्क बिछा हुआ है। सुरक्षा मानकों के अनुसार, कंपनी को वर्ष में एक बार जिला प्रशासन के सहयोग से इस तरह की ऑफ-साइट मॉक ड्रिल करना अनिवार्य होता है, ताकि किसी भी अनहोनी की स्थिति में जान-माल के नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।