अर्द्धांगिनी को स्थान नहीं, कैसा है यह महिला सशक्तिकरण? यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय का पीएम मोदी पर सीधा प्रहार

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वाराणसी। धर्म और संस्कृति की नगरी काशी में आज कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। ‘महिला सशक्तिकरण’ के सरकारी दावों को आड़े हाथों लेते हुए अजय राय ने प्रधानमंत्री के व्यक्तिगत और सार्वजनिक जीवन के विरोधाभासों को जनता के सामने रखा। उन्होंने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि जो व्यक्ति अपनी अर्द्धांगिनी को उनका उचित स्थान नहीं दे पाया, वह देश की करोड़ों महिलाओं के उत्थान की बात किस आधार पर कर रहा है?

हिंदू परंपरा और अर्द्धांगिनी का अपमान

अजय राय ने भारतीय संस्कृति और हिंदू धर्म के मूल्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी परंपराओं में पत्नी के बिना किसी भी पूजा या धार्मिक अनुष्ठान को पूर्ण नहीं माना जाता। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्होंने अपनी पत्नी यशोदा बेन को कभी वह सम्मान और स्थान नहीं दिया, जिसकी वे हकदार थीं। राय ने भावुक होते हुए यहाँ तक कहा कि यशोदा बेन को प्रधानमंत्री की माता जी के अंतिम दर्शन तक से वंचित रखा गया, जो मानवीय और पारिवारिक मूल्यों के खिलाफ है।

सशक्तिकरण पर उठते गंभीर सवाल

प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारी संख्या में मौजूद महिलाओं को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने पूछा कि क्या महिला सशक्तिकरण का अर्थ सिर्फ विज्ञापनों तक सीमित है? उन्होंने कहा कि वास्तविक सशक्तिकरण घर से शुरू होता है, लेकिन प्रधानमंत्री के मामले में ‘दीपक तले अंधेरा’ वाली स्थिति है। इस दौरान उन्होंने भाजपा की नीतियों को महिला विरोधी करार देते हुए कहा कि जो अपनी अर्द्धांगिनी का त्याग कर दे, उससे समाज की महिलाओं के सम्मान की रक्षा की उम्मीद करना बेमानी है।

​कांग्रेस की एकजुटता और कार्यकर्ताओं का जोश

इस अवसर पर वाराणसी के स्थानीय नेतृत्व ने भी प्रदेश अध्यक्ष के सुर में सुर मिलाया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से वाराणसी के जिलाध्यक्ष राजेश्वर पटेल और महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे उपस्थित रहे। भारी संख्या में जुटी महिलाओं की भीड़ ने यह संकेत दिया कि आगामी दिनों में कांग्रेस इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक और भी प्रखरता से उठाने वाली है।