आगरा: ताजनगरी आगरा में एक बार फिर मिलावटी और नकली शराब के काले कारोबार का पर्दाफाश हुआ है। थाना हरीपर्वत क्षेत्र के पॉश इलाके विजयनगर कॉलोनी से सटे रतनपुरा में आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने गुरुवार को एक बड़ी छापेमारी की। टीम ने एक आलीशान कोठी के भीतर चल रहे अवैध शराब रिफिलिंग सेंटर का भंडाफोड़ किया है, जहाँ सस्ती शराब को महंगे विदेशी और देसी ब्रांडों की बोतलों में भरकर ऊंचे दामों पर बेचने की तैयारी की जा रही थी।
शानदार कोठी और खौफनाक हकीकत
आबकारी विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि रतनपुरा स्थित एक किराए के मकान में संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं। जब पुलिस और आबकारी टीम ने संयुक्त रूप से वहां छापा मारा, तो अधिकारी भी दंग रह गए। कोठी के भीतर भारी मात्रा में नामी-गिरामी ब्रांडों की खाली बोतलें, हजारों की संख्या में नकली ढक्कन, लेबल और पैकिंग सामग्री बिखरी पड़ी थी। यह स्थान किसी सामान्य गोदाम की तरह नहीं, बल्कि एक व्यवस्थित ‘पैकेजिंग यूनिट’ की तरह काम कर रहा था।
सस्ती शराब को ‘ब्रांडेड’ बनाने का फॉर्मूला
जांच में सामने आया कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम कर रहा था। आरोपी बाजार से बेहद सस्ती और साधारण शराब खरीदते थे। इसके बाद उसे नामी ब्रांडों की खाली बोतलों में भरकर, उन पर नकली ढक्कन और सील लगाकर उन्हें फिर से पैक कर दिया जाता था। इस धोखाधड़ी के जरिए जहां उपभोक्ताओं की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था, वहीं सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का चूना भी लगाया जा रहा था।
शराब ठेके का सेल्समैन है मुख्य सूत्रधार
इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि जिस मकान में यह गोरखधंधा चल रहा था, उसे एक अधिकृत शराब ठेके के सेल्समैन ने किराए पर ले रखा था। सेल्समैन ही इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। पुलिस को संदेह है कि वह ठेके की सप्लाई चेन का इस्तेमाल कर इस नकली शराब को सीधे दुकानों तक या चुनिंदा ग्राहकों तक पहुंचा रहा था। फिलहाल आरोपी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें दबिश दे रही हैं।
सेहत से खिलवाड़ और बड़ा नेटवर्क
आबकारी अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की रिफिलिंग बेहद जानलेवा हो सकती है। नकली शराब के सेवन से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं और मृत्यु तक की आशंका बनी रहती है। पुलिस अब इस एंगल से जांच कर रही है कि यह नेटवर्क शहर के किन-किन इलाकों और होटलों में सप्लाई कर रहा था। आशंका है कि इस गिरोह के तार शराब वितरण तंत्र के अन्य बड़े नामों से भी जुड़े हो सकते हैं।
फिलहाल, पुलिस और आबकारी विभाग बरामद माल का आकलन कर रहे हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही मुख्य आरोपी और उसके सहयोगियों को सलाखों के पीछे भेजकर इस पूरे गिरोह का नेटवर्क ध्वस्त कर दिया जाएगा।

