प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने रविवार देर रात समीक्षा अधिकारी (RO) और सहायक समीक्षा अधिकारी (ARO) परीक्षा-2023 का बहुप्रतीक्षित अंतिम परिणाम जारी कर दिया है। ढाई साल के लंबे अंतराल और कई उतार-चढ़ाव के बाद आयोग ने कुल 419 रिक्तियों के सापेक्ष सभी 419 अभ्यर्थियों को सशर्त (प्रोविजनल) रूप से सफल घोषित किया है। मेरिट लिस्ट में अनिल पांडेय ने प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी मेधा का लोहा मनवाया है, वहीं आदित्य प्रताप सिंह दूसरे और लक्ष्मी वर्मा तीसरे स्थान पर रही हैं।
पदों का विवरण: 338 बने समीक्षा अधिकारी
आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, कुल चयनित 419 अभ्यर्थियों में से 338 अभ्यर्थियों का चयन समीक्षा अधिकारी (RO) के पद पर हुआ है, जबकि 81 अभ्यर्थियों को सहायक समीक्षा अधिकारी (ARO) के पद के लिए चुना गया है।
रिजल्ट अभी ‘प्रोविजनल’ है: सचिव
आयोग के सचिव अशोक कुमार ने स्पष्ट किया है कि यह परिणाम पूरी तरह से सशर्त (Provisional) है। उन्होंने बताया कि सभी सफल अभ्यर्थियों के मूल प्रमाण पत्रों का सत्यापन (Document Verification) किया जाना अभी शेष है। सत्यापन प्रक्रिया के सफल समापन के बाद ही अंतिम संस्तुति भेजी जाएगी। इसके लिए विस्तृत कार्यक्रम जल्द ही आयोग की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा।
पेपर लीक से लेकर री-एग्जाम तक: संघर्षों भरी रही डगर
इस भर्ती का सफर बेहद चुनौतीपूर्ण रहा है। 9 अक्टूबर 2023 को शुरू हुई इस प्रक्रिया में रिकॉर्ड 10,76,004 आवेदन प्राप्त हुए थे। 11 फरवरी 2024 को आयोजित प्रारंभिक परीक्षा पेपर लीक विवादों के कारण रद्द करनी पड़ी थी। इसके बाद 27 जुलाई 2025 को पुन: परीक्षा आयोजित की गई। मुख्य परीक्षा इसी वर्ष 2 और 3 फरवरी 2026 को संपन्न हुई, जिसमें 7,509 अभ्यर्थी शामिल हुए थे।
ढाई साल का लंबा इंतज़ार खत्म
लगभग 30 महीनों के लंबे संघर्ष के बाद अब चयनित अभ्यर्थियों के घर खुशियों ने दस्तक दी है। शुरुआत में इस भर्ती में पदों की संख्या 411 थी, जिसे बाद में संशोधित कर 419 कर दिया गया था। अब सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिलने का इंतज़ार है, ताकि वे उत्तर प्रदेश सचिवालय और अन्य विभागों में अपनी सेवाएं शुरू कर सकें।

