बरेली में सुनंदा शर्मा का कॉन्सर्ट बना अखाड़ा, बेकाबू भीड़ ने तोड़ी सुरक्षा की दीवार, पुलिस ने संभाला मोर्चा

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बरेली: रुहेलखंड की धरती रविवार रात उस वक्त रणक्षेत्र में तब्दील हो गई जब पंजाबी सेंसेशन सुनंदा शर्मा के एक कॉन्सर्ट में हजारों की भीड़ आपे से बाहर हो गई। फरीदपुर स्थित फ्यूचर यूनिवर्सिटी के ‘नवरंग फ्यूचर फेस्टा 2026’ के ग्रैंड फिनाले में आयोजित सेलिब्रिटी नाइट में सुरक्षा के सारे दावे धरे के धरे रह गए। जैसे ही सुनंदा ने स्टेज संभाला, दर्शकों का उत्साह उन्माद में बदल गया और देखते ही देखते बैरिकेडिंग धराशायी हो गई। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा।

टूटी बैरिकेडिंग और मच गई भगदड़

कार्यक्रम में क्षमता से कहीं अधिक लोग पहुँच चुके थे। जैसे ही ‘पटाके’ गर्ल सुनंदा शर्मा ने माइक संभाला, युवाओं की भीड़ वीआईपी घेरा तोड़कर मंच की ओर दौड़ पड़ी। निजी बाउंसरों और सुरक्षाकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। भीड़ के दबाव से लोहे की बैरिकेडिंग ताश के पत्तों की तरह ढह गई। भगदड़ जैसे हालात बनते देख मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल ने मोर्चा संभाला और लाठियां फटकार कर बेकाबू युवाओं को पीछे खदेड़ा। इस अफरा-तफरी में कई लोगों को मामूली चोटें भी आईं।

पुलिस और प्रशासन का पक्ष

फरीदपुर के क्षेत्राधिकारी संदीप कुमार ने बताया कि भीड़ का अनुमान लगाने में चूक हुई। बैरिकेड गिरने से अचानक अफरातफरी मची थी, जिसे पुलिस ने समय रहते काबू कर लिया। वहीं, थाना प्रभारी राधेश्याम के अनुसार, स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया ताकि कार्यक्रम को सुरक्षित तरीके से संपन्न कराया जा सके। देर रात तक पुलिस बल यूनिवर्सिटी परिसर में मुस्तैद रहा।

​हंगामे के बीच गूंजते रहे पंजाबी तराने

भारी हंगामे और तनाव के बावजूद सुनंदा शर्मा का जादू कम नहीं हुआ। उन्होंने ‘जानी तेरा ना’, ‘मेरी मम्मी नू पसंद नईयो तू’ और ‘चंडीगढ़ का छोरा’ जैसे ब्लॉकबस्टर गानों से महफिल में जान फूंक दी। झुमका नगरी बरेली के प्यार से अभिभूत सुनंदा ने मंच से शहर की जमकर तारीफ की। दर्शक भी पुलिस की सख्ती के बीच मोबाइल टॉर्च जलाकर गानों पर झूमते नजर आए।

प्रबंधन की स्वीकारोक्ति

​यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति मुकेश गुप्ता और प्रो-चांसलर दीप गुप्ता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए इसे कला और शिक्षा का संगम बताया। हालांकि, बाद में यूनिवर्सिटी प्रशासन ने भी स्वीकार किया कि भीड़ का जो रेला उमड़ा, उसका अंदाजा उन्हें पहले नहीं था। रात 12 बजे तक चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे और संगीत के सफर के बाद आयोजकों ने राहत की सांस ली।