महाकुंभ से सुर्खियों में आए ‘IIT वाले बाबा’ ने थामा गृहस्थी का हाथ, कर्नाटक की इंजीनियर संग रचाई शादी

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​प्रयागराज/धर्मशाला: प्रयागराज महाकुंभ के दौरान अपनी विद्वत्ता और संन्यासी वेशभूषा से पूरी दुनिया का ध्यान खींचने वाले ‘IIT वाले बाबा’ यानी अभय सिंह अब वैवाहिक बंधन में बंध गए हैं। एयरोस्पेस इंजीनियर से संन्यासी बने अभय सिंह ने महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर हिमाचल प्रदेश के ऐतिहासिक अघंजर महादेव मंदिर में सात फेरे लिए।

उनकी जीवनसंगिनी प्रतीका भी पेशे से इंजीनियर हैं और मूल रूप से कर्नाटक की रहने वाली हैं। आध्यात्मिक यात्रा और विवादों के बीच अभय सिंह का यह यू-टर्न अब सोशल मीडिया पर नई चर्चा का विषय बना हुआ है।

​महाशिवरात्रि पर विवाह और फिर कोर्ट मैरिज

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि के दिन आध्यात्मिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह किया। इसके ठीक बाद, 19 फरवरी 2026 को इस रिश्ते को कानूनी मान्यता देते हुए उन्होंने कोर्ट मैरिज भी संपन्न की। फिलहाल यह नवविवाहित जोड़ा हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला की वादियों में सादगीपूर्ण जीवन व्यतीत कर रहा है।

​कनाडा की 3 लाख की नौकरी छोड़ बने थे संन्यासी

हरियाणा के झज्जर जिले के सासरौली गांव से ताल्लुक रखने वाले अभय सिंह का सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। IIT बॉम्बे से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में B.Tech और फिर डिजाइनिंग में मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद वे कनाडा चले गए थे। वहां एक नामी एयरोप्लेन कंपनी में उनका मासिक वेतन 3 लाख रुपये था। हालांकि, 2021 के लॉकडाउन ने उनकी सोच बदल दी। भारत लौटने के बाद फोटोग्राफी और कुंभ की यात्राओं ने उन्हें अध्यात्म की ओर धकेला और वे गुरु सोमेश्वर पुरी के सानिध्य में संन्यासी बन गए।

​लक्ष्य: ‘सनातन यूनिवर्सिटी’ की स्थापना

​अभय की पत्नी प्रतीका का कहना है कि उनकी मुलाकात करीब एक साल पहले हुई थी। प्रतीका के अनुसार, अभय एक बेहद सरल और ईमानदार व्यक्तित्व के धनी हैं। अब यह जोड़ा केवल निजी जीवन तक सीमित नहीं रहना चाहता। दोनों का साझा संकल्प है कि वे भविष्य में एक ‘सनातन यूनिवर्सिटी’ की स्थापना करेंगे। इस विश्वविद्यालय का उद्देश्य दुनिया भर के अध्यात्मिक गुरुओं, साधकों और जिज्ञासुओं को एक मंच पर लाना होगा।

​बचपन के डर से उबरकर मिला ‘पार्वती’ जैसा साथ

महाकुंभ के दौरान अभय ने कई बार अपने व्यक्तिगत जीवन के संघर्षों को साझा किया था। उन्होंने बताया था कि बचपन में माता-पिता के बीच घरेलू हिंसा देखकर उनका शादी से भरोसा उठ गया था। इसी वजह से उन्होंने अपनी 4 साल पुरानी रिलेशनशिप भी खत्म कर दी थी। तब उन्होंने कहा था कि अगर उन्हें कभी शादी करनी पड़ी, तो वे ‘पार्वती’ जैसा समर्पण रखने वाली साथी ही चुनेंगे। प्रतीका के रूप में उन्हें वही आधार मिला है।

विवादों से भी रहा है पुराना नाता

अभय सिंह का सफर केवल चर्चाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वे कई विवादों के केंद्र में भी रहे। 19 जनवरी 2025 को जूना अखाड़े ने उन्हें गुरु के प्रति अभद्र भाषा के इस्तेमाल के आरोप में निष्कासित कर दिया था। इसके बाद मार्च 2025 में एक टीवी डिबेट के दौरान मारपीट की घटना और जयपुर में गांजा रखने के मामले में (जिसे उन्होंने प्रसाद बताया था) हिरासत में लिए जाने की खबरों ने भी खूब सुर्खियां बटोरी थीं।