आगरा के डीसीपी सिटी कार्यालय बाहर दो महिलाओं का हाईवोल्टेज ड्रामा, एक ने की आत्मदाह की कोशिश, दूसरी ने पुलिस-माफिया गठजोड़ पर बोला हमला

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आगरा: शुक्रवार का दिन आगरा के डीसीपी सिटी कार्यालय के लिए बेहद तनावपूर्ण रहा। पुलिसिया कार्रवाई से निराश दो अलग-अलग महिलाओं ने न्याय की आस में दफ्तर के बाहर जमकर हंगामा किया। एक महिला ने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्मदाह करने का दुस्साहसिक प्रयास किया, वहीं दूसरी महिला ने अपने अपार्टमेंट में चल रहे देह व्यापार के खिलाफ चुप्पी साधे रखने वाली पुलिस की पोल खोल दी। इन घटनाओं ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।

​पहला मामला: रिटायर्ड दरोगा ससुर की प्रताड़ना

​ट्रांस यमुना इलाके की एक महिला दोपहर के समय डीसीपी ऑफिस पहुंची और अचानक खुद को आग के हवाले करने की कोशिश की। वहां तैनात महिला पुलिसकर्मियों की सतर्कता से बड़ी अनहोनी टल गई।

महिला ने आरोप लगाया कि उसके ससुर, जो कि एक सेवानिवृत्त दरोगा हैं, लंबे समय से उसे प्रताड़ित कर रहे हैं। पीड़िता के पास मारपीट के सबूत (वीडियो) होने के बावजूद थाना पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे तंग आकर उसे आत्मदाह जैसा कदम उठाना पड़ा। डीसीपी सिटी सैय्यद अली अब्बास ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का भरोसा दिलाया है।

​दूसरा मामला: देह व्यापार के खिलाफ आवाज उठाना पड़ा भारी

ताजगंज इलाके से आई एक अन्य महिला ने अपनी बेटियों की सुरक्षा को लेकर गुहार लगाई। पीड़िता का आरोप है कि उसके अपार्टमेंट में कथित तौर पर देह व्यापार का धंधा चल रहा है। जब उसने और उसकी बेटियों ने इसका विरोध किया, तो आरोपितों ने उन्हें प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।

पीड़िता का आरोप है कि बसई चौकी पुलिस आरोपियों के साथ मिलीभगत कर रही है और उन्हें ही झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी जा रही है। पिछले एक साल से पुलिस दफ्तरों के चक्कर काट रही पीड़िता अब अपनी और बेटियों की जान को लेकर डरी हुई है।

पुलिस प्रशासन की साख पर लगा दाग

एक ही दिन में दो महिलाओं द्वारा पुलिस के प्रति अविश्वास जाहिर करना और सरेआम हंगामा करना यह दर्शाता है कि पीड़ितों को थानों में समय पर न्याय नहीं मिल पा रहा है। डीसीपी सिटी सैय्यद अली अब्बास ने दोनों मामलों को संज्ञान में लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। अब देखना यह है कि क्या डीसीपी का आश्वासन सिर्फ कागजों तक सीमित रहेगा या पीड़ितों को वास्तव में न्याय मिल पाएगा।