आगरा: केंद्रीय विद्यालय में ‘भारतीय भाषा ग्रीष्मकालीन शिविर’ का भव्य समापन, छात्र-छात्राओं ने बिखेरे सांस्कृतिक रंग

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आगरा: पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय संख्या 1 एएफएस, आगरा के परिसर में बीते एक सप्ताह से चल रहे भाषाई और सांस्कृतिक उत्सव का समापन बेहद उत्साह, उमंग और भव्यता के साथ हुआ। 13 से 20 मई 2026 तक आयोजित इस ‘भारतीय भाषा ग्रीष्मकालीन शिविर 2026’ ने विद्यार्थियों को अपनी भाषाई जड़ों और भारतीय संस्कृति की विविधता से जुड़ने का एक उत्कृष्ट अवसर प्रदान किया। यह शिविर नई पीढ़ी के बीच भारतीय भाषाओं के प्रति प्रेम जगाने और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने की दिशा में एक अनुकरणीय पहल साबित हुआ।

​भाषाओं के अनूठे संगम ने जगाया उत्साह

इस विशेष शिविर में गुरुमुखी और गुजराती भाषाओं को केंद्र में रखा गया था। गुरुमुखी की संसाधन व्यक्ति सुखविंदर कौर और गुजराती की संसाधन व्यक्ति विनीता राजेश पंचोली के ऊर्जावान मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने बेहद कम समय में इन भाषाओं की बारीकियों को आत्मसात किया। विशेषज्ञों ने अपनी-अपनी भाषाओं की समृद्धि, लोक कला और व्याकरणिक सुंदरता से बच्चों को अवगत कराया, जिससे विद्यार्थियों में सीखने का अद्भुत उत्साह देखने को मिला।

मुख्य अतिथि ने सराहे विद्यार्थियों के प्रयास

समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उप आयुक्त इंदिरा मुद्गल उपस्थित रहीं। दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ। अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “भाषाएं केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति और इतिहास की संवाहक होती हैं।” उन्होंने ऐसे आयोजनों को आज के समय की मांग बताते हुए कहा कि ये शिविर बच्चों में वैश्विक दृष्टिकोण के साथ-साथ अपनी मिट्टी के प्रति सम्मान जगाने में सहायक हैं।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से गूंजा प्रांगण

समापन समारोह में आयोजित रंगारंग कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने सीखी गई भाषाओं की खूबसूरती को मंच पर जीवंत कर दिया। लोकगीतों, कविताओं और सांस्कृतिक नृत्यों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विद्यार्थियों का आत्मविश्वास इस बात का प्रमाण था कि शिविर अपने उद्देश्यों में पूरी तरह सफल रहा।

​प्रबंधन और समन्वय की सराहना

इस सफल आयोजन का श्रेय विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रवीण कुमार मलिक के कुशल मार्गदर्शन और दूरदर्शिता को जाता है। उनके नेतृत्व में डॉ. गीता प्रकाश और कल्पना उपाध्याय द्वारा संपूर्ण कार्यक्रम का सफल समन्वय किया गया।

समारोह के अंत में प्रधानाचार्य ने सभी अतिथियों, संसाधन व्यक्तियों और अभिभावकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस शिविर ने बच्चों के दिलों में ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को धरातल पर उतारा है। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।