लखनऊ: उत्तर प्रदेश के युवाओं, विशेषकर भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे चुके पूर्व अग्निवीरों के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में पूर्व अग्निवीरों की भर्ती से संबंधित नियमावली में संशोधन को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दे दी गई है।
इस नए फैसले के तहत अब राज्य के पुलिस विभाग, वन विभाग, कारागार (प्रिजन) विभाग और परिवहन विभाग में होने वाली भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। सरकार के इस कदम से सैन्य सेवा पूरी करने के बाद अपने भविष्य को लेकर चिंतित रहने वाले युवाओं को सरकारी नौकरी पाने का एक सुगम और सुनहरा अवसर मिलेगा।
कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए राज्य के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने जानकारी दी कि वर्ष 2022 में देश में ‘अग्निवीर योजना’ के तहत भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत की गई थी। इसे ध्यान में रखते हुए ही राज्य सरकार ने भविष्य की जरूरतों और युवाओं के हितों को सर्वोपरि रखते हुए पूर्व अग्निवीरों की नियुक्ति से जुड़ी नियमावली में यह महत्वपूर्ण संशोधन किया है।
चार विभागों की भर्तियों में 20 प्रतिशत आरक्षण
प्रदेश के पुलिस, वन, कारागार और परिवहन विभाग में पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। अभ्यर्थियों को उनकी मूल श्रेणी के अनुसार आरक्षण का लाभ मिलेगा। इससे सैन्य सेवा पूरी करने वाले युवाओं को प्रदेश की सरकारी सेवाओं में नियुक्ति के बेहतर अवसर मिलेंगे।
28 वर्ष तक की आयु में कर सकेंगे आवेदन
पूर्व अग्निवीरों के लिए अधिकतम आयु सीमा 25 वर्ष से बढ़ाकर 28 वर्ष कर दी गई है। तीन वर्ष की इस छूट से सैन्य सेवा के बाद सरकारी नौकरी के इच्छुक युवाओं को आवेदन के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। पूर्व अग्निवीरों को इन विभागों में भर्ती के लिए लिखित और शारीरिक परीक्षा नहीं देनी होगी। उन्हें केवल मेडिकल परीक्षण से गुजरना होगा। सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं के लिए भर्ती प्रक्रिया में यह महत्वपूर्ण रियायत होगी।
सैन्य सेवा के बाद प्रदेश की सेवा का अवसर
अग्निवीर योजना के तहत कम उम्र में सेना में सेवा देकर लौटने वाले युवाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती रोजगार और भविष्य की सुरक्षा की होती है। योगी सरकार ने भर्ती नियमों में यह दूरदर्शी संशोधन करके ऐसे अनुशासित और प्रशिक्षित युवाओं के लिए उत्तर प्रदेश में सरकारी सेवाओं के द्वार खोल दिए हैं। इससे न केवल युवाओं का भविष्य सुरक्षित होगा, बल्कि देश की रक्षा करने के बाद वे अपनी दक्षता और ऊर्जा का उपयोग उत्तर प्रदेश के सर्वांगीण विकास में भी कर सकेंगे।
